
एक ही क्षेत्र में घायल अवस्था में मिल रहे मोर, सूचना के दूसरे दिन पहुंचा वन अमला
राणापुर/झाबुआ. क्षेत्र में एक सप्ताह के अंदर तीन मोर घायल अवस्था में मिलने से राष्ट्रीय पक्षी मोर के किसी बीमारी से ग्रसित होने की आशंका ने पक्षी प्रेमियों को परेशान कर दिया है। वहीं वन विभाग इस मामले में उदासीन रवैया अपना रहा है। ग्रामीणों द्वारा सूचना देने के बाद भी घायल मोर को लेने देर से वनकर्मी पहुंचे।
जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले राणापुर से 12 किमी दूर ग्राम देवलफलिया में राष्ट्रीय पक्षी मोर घायल अवस्था में मिला था, जिसे ग्रामीणों ने इलाज कर उसे वन विभाग को सौंप दिया है। इसके बाद शनिवार फिर से उसी स्थान में एक और मोर घायल अवस्था में मिला है। जिसे ग्रामीणों ने सुरक्षित कर वन विभाग के कर्मियों को सूचना दी। बावजूद वन कर्मी उदासीनता दिखाते हुए दूसरे रविवार को मोटरसायकिल से मोर को लेने पहुंचे। इसके बाद रविवार को फिर से उसी स्थान में तीसरा मोर घायल मिला है। इस तरह लगातार एक ही स्थान के आसपास राष्ट्रीय पक्षी के मोर घायल होने पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ग्राम देवलफलिया में चार दिन पहले एक मोर घायल अवस्था में एक ग्रामीण को दिखाई दिया था उसने वन विभाग से सम्पर्क किया था, वन विभाग आया राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपने साथ ले गया, लेकिन उपचार के दौरान मोर मर चुका था । उसके तीन दिन बाद ही शनिवार दोपहर 3 बजे देवलफलिया ग्रामीन लालू परमार को पानी में गिरा मोर दिखाई दिया, उसने तुरंत ही उसे पानी से निकाला उसकी सफाई की । साथ ही वन विभाग की टीम को व स्थानीय चिकित्सक को सूचना दी, लेकिन एक दिन बीत जाने के बाद भी राष्ट्रीय पक्षी मोर को लेने व उसके उचित इलाज के लिए अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई । ग्रामीण शनिवार कोसुबह से ही वन विभाग को कई बार फोन लगाया कि आकर मोर को ले जाने की बात कही, लेकिन कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
तीसरी बार एक ही क्षेत्र में मोर मिलना जांच का विषय है
ग्रामीण बताते हैं कि इसके पहले कभी भी मोर इस ओर दिखाई नहीं दिए । अचानक इस सप्ताह तीसरी बार मोर घायल अवस्था में उसी जगह मिलना जांच का विषय है। इस क्षेत्र में मोर के साथ हो रही बीमारी के कारणों के पता लगाने की जरूरत है।
कई बार फोन करने पर भी नहीं पहुंचे वनकर्मी
शनिवार को दूसरे दिन ग्रामीण बार-बार फोन लगाते रहे। इसपर वनकर्मियों ने कहा कि आप राणापुर मोर को लेकर आओ ,ग्रामीण के पास बाइक की व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने ले आने में असमर्थता जताई। दूसरे दिन रविवार को वन विभाग से राकेश बामनिया अपने दो पहिया वाहन से झाबुआ से ग्राम देवलफिया आए ,लेकिन मोर को ले जाने को तैयार नहीं थे , लेकिन ग्रामीणों को दबाव देख लेकर अपने साथ गए।
Published on:
29 Aug 2022 01:49 am
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