
झाबुआ के पूर्व कलेक्टर जगदीश शर्मा
कलेक्टर रहते हुए जिन लोगों के साथ अतिरिक्त कमाई की अब उन्हीं लोगों के साथ झाबुआ के पूर्व कलेक्टर जगदीश शर्मा जेल में ही दिन भी काटेंगे। झाबुआ के बहुचर्चित प्रिंटिंग घोटाले में जगदीश शर्मा को दोषी मानते हुए कोर्ट ने उन्हें 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस उन्हें ले गई।
झाबुआ के इस सबसे चर्चित घोटाले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश राजेंद्र शर्मा की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। 13 साल पुराने घोटाले के इस मामले में झाबुआ के तत्कालीन कलेक्टर जगदीश शर्मा, तत्कालीन जिपं सीईओ जगमोहन धुर्वे, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तत्कालीन परियोजना अधिकारी नाथू सिंह तंवर, जिपं में स्वच्छता मिशन के तत्कालीन जिला समन्वयक अमित दुबे, जिपं के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी सदाशिव डाबर और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तत्कालीन लेखाधिकारी आशीष कदम को दोषी करार दिया गया है।
कलेक्टर जगदीश शर्मा सहित सभी दोषियों पर कोर्ट ने 9-9 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया- कोर्ट ने इन सभी दोषियों को अलग-अलग धाराओं में 4-4 साल की सजा सुनाई। कलेक्टर जगदीश शर्मा सहित सभी दोषियों पर कोर्ट ने 9-9 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी भी कर दिया।
झाबुआ के इन अफसरों ने भोपाल के प्रिंटिंग कारोबारी मुकेश शर्मा को आर्थिक लाभ पहुंचाया - झाबुआ के इन अफसरों ने भोपाल के प्रिंटिंग कारोबारी मुकेश शर्मा को आर्थिक लाभ पहुंचाया था। कोर्ट ने कारोबारी मुकेश शर्मा को भी सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रिंटिंग कारोबारी शर्मा को 19 हजार के जुर्माने से भी दंडित किया है।
Published on:
03 Sept 2023 11:49 am

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