
कांतिलाल भूरिया ने निजी कांग्रेस बना रखी है, सच्चे कांग्रेसी हम हैं
झाबुआ. सांसद कांतिलाल भूरिया द्वारा कांग्रेस का गद्दार कहे जाने के आरोप में पूर्व विधायक एवं निर्दलीय प्रत्याशी जेवियर मेड़ा ने खुद को सच्चा कांग्रेसी बताते हुए सांसद कांतिलाल भूरिया पर जिले में कांग्रेस पार्टी को खत्म कर अपनी निजी कांग्रेस बनाने का आरोप लगाया है। मेड़ा ने कहा कांतिलाल और उसके परिवार की निष्ठा कांग्रेस में नहीं है। वे केवल परिवारवाद चलाते हैं।
जेवियर ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में सांसद भूरिया के आरोपों का जवाब देते हुए कहाकि 2003 में जब स्वरूपबेन भाबर चुनाव लड़ी तो सांसद भूरिया ने कांतिलाल बारिया को अलमारी चुनाव चिह्न दिलवाकर चुनाव लड़वाया। 2008 में जब मैं पहला चुनाव लड़ रहा था तो भानू भूरिया को चुनाव में खड़ा करवाया। 2013 में मेरे दूसरे चुनाव के वक्त अपनी भतीजी कलावती भूरिया को निर्दलीय खड़ा करवाया। बल्कि उनके लिए सरपंचों व प्रमुख कार्यकर्ताओं को खुद फोन भी किए। इससे स्पष्ट हो जाता है कि कौन सच्चा कांग्रेसी है और कौन गद्दार। जब उनका अवसर आता है वे भाजपा से मिलकर अपना काम निकालते हैं। अब मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा प्रत्याशी से पैसे लेकर चुनाव लड़ा। मैं उनके खिलाफ मानहानि का दावा लगाउंगा। मेड़ा ने कहा पार्टी ने कांतिलाल भूरिया को स्टार प्रचारक बनाया था। प्रदेश में 47 आदिवासी सीट हैं। जहां उन्हें जाना था, लेकिन पुत्र मोह के चलते वे झाबुआ से बाहर नहीं निकले।
मोरडूंडिया में चलाते हैं नकली शराब बनाने का अड्डा : जेवियर ने अपने समर्थक एवं मप्र अजजा आयोग के पूर्व सदस्य भूरसिंह अजनार पर शराब का अड्डा चलाने के आरोप के जवाब में कहाकि खुद कांतिलाल भूरिया अपने गांव मोरडूंडिया में नकली शराब बनाने का अड्डा चला रहे हैं। कुछ समय पहले ही उनके गांव से 16 लाख रुपए की शराब पकड़ी गई। वहां बने कुआं में बॉटलिंग की जाती है। अजजा आयोग के पूर्व सदस्य भूरसिंह ने कहाकि यदि मेरे घर पर अवैध शराब का अड्डा चल रहा है तो भूरियाजी बताए कि कितनी बार प्रशासन ने आकर मेरे यहां से शराब पकड़ी या कोई केस बनाया।
रुपए देकर टिकट बांटते हैं भूरिया : जेवियर ने कहाकि सांसद भूरिया रुपए लेकर टिकट बांटते हैं। नपा चुनाव में टिकट देने के नाम पर प्रत्याशी से उन्होंने एक प्लॉट लिया। पेटलावद से पिछली बार रूपसिंह को टिकट दी तो कृषि उपज मंडी के सामने का प्लॉट लिया। जब प्रदेश अध्यक्ष थे तो केवल विधानसभा प्रत्याशी के रूप में नाम भेजने के लिए उन्होंने 50 नेताओं से 5-5 लाख रुपए लिए। इसके सबूत उनके पास है। कांतिलाल ने कल्लीपुरा में पाकिस्तान के शरणाथर््िायों के लिए आरक्षित की गई निष्क्रांत जमीन भी हड़प ली। पार्टी से 6 नेताओं को निष्कासित किए जाने के मामले में जेवियर ने कहा कि कांतिलाल भूरिया के कह देने से कुछ नहीं होता। निष्कासन की एक प्रक्रिया होती है। इसके तहत मप्र कांगे्रस कमेटी द्वारा नोटिस देकर जवाब मांगा जाता है। इसके बाद कार्यकर्ता को बाहर किया जाता है। न प्रदेश कांग्रेस से किसी को कोई नोटिस मिला और न ही एआईसीसी से किसी को नोटिस मिला।
कांग्रेस में वापस नहीं लिया जाएगा
&जेवियर मेड़ा बुरी तरह से बौखला गए हैं। जो व्यक्ति खुद भाजपा से पैसे लेकर पार्टी के विरोध में चुनाव लड़ा वो पार्टी का हितेषी कैसे हो सकता हैं। उन्हें अब कभी भी कांग्रेस में वापस नहीं लिया जाएगा।
कांतिलाल भूरिया, सांसद
Published on:
01 Dec 2018 09:58 pm
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