
खत्म नहीं हो रहा हादसों का सफर,जान जोखिम में डाल सफर करने के लिए ग्रामीण मजबूर
झाबुआ. जिले में ओवरलोड सवारी वाहनों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर वाहन ठसाठस भरे वाहन जिम्मेदारों के सामने से गुजरती हैं, लेकिन उनपर कार्रवाई नहीं होती है। यातायात व्यवस्था को ध्वस्त करती ओवरलोड वाहनों की तस्वीरें आरटीओ विभाग , यातायात विभाग और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रही है।
यूं तो यातायात के नियमों का पालन करवाना तीनों विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन सडक़ों पर मौत बनकर दौड़ रहे यह वाहन नियमों की परवाह किए बगैर संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस विभाग पिछले 2 माह से ओवरलोङ्क्षडग वाहन पर कार्रवाई कर वाहन चालकों को समझाइश देने के दावे रहा है, लेकिन अंचल में इसका कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है।पिछले 5 वर्ष में सबसे अधिक हादसे पिछले वर्ष यानी 2022 में हुए थे , इस दौरान कुल 121 लोगों की मौत दर्ज की गई थी, लेकिन इस वर्ष मई माह में ही 82 लोगों की मौत हो चुकी है।
एक पिकअप वाहन में 30 लोग सवार
जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर स्थित करवड़ से देदला मार्ग पर बुधवार दोपहर 11.30 बजे यातायात नियमों को तार-तार करते कई वाहनों को देखा गया। मार्ग पर ऐसे लगभग दो दर्जन वाहन देखने को मिले, जिसमें वाहन के पीछे लटक कर सफर करती सवारियां भरी थी। वाहनों के पीछे लगे कैरियर पर खड़े लोगों में नन्हे-मुन्ने बच्चे भी जान जोखिम में डालकर सफर करते दिख रहे हैं। जितनी सवारी वाहन के बाहर दिखाई दे रही है, उससे 4 गुना सवारी वाहन के अंदर थी, एक पिक अप वाहन में लगभग 30 लोगों को बैठा कर सफर किया जा रहा है। ड्राइवर के अगल-बगल ही 6 लोग बैठे थे। ये सभी स्थितियां गंभीर हादसे को आमंत्रित करने के लिए काफी हैं, लेकिन जिम्मेदार एक-दो स्थानों पर कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की खानापूर्ति कर रहे हैं। इस कारण वाहन चालकों को भी नियमों के उल्लंघन करने का कोई खौफ नहीं है।
Published on:
31 May 2023 11:51 pm
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