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जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, दो-दो मतों से जीत

दोनों दलों ने अध्यक्ष के लिए नामांकन के दौरान बदले प्रत्याशी

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झाबुआ

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Binod Singh

Jul 30, 2022

जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, दो-दो मतों से जीत

जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, दो-दो मतों से जीत

झाबुआ. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष में कांग्रेस ने दो-दो मतों से जीत लिया है। इस तरह फिर जिला पंचायत में कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा। कांग्रेस की सोनल भाबर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के मालू अकमल जीते हंै। जिला पंचायत की 14 सदस्य वाली सीट में कांग्रेस के 6 और भाजपा के 6 समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीते थे। वहीं एक में जयस की रेखा निमामा और कांग्रेस के बागी हो मालू अकमाल सदस्य निर्वाचित हुए थे। इनमें जयस व निर्दलीय मालू अकमाल का मत मिलने के बाद कांग्रेस को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष में 8 मत मिलने के साथ दोनों सीट कांग्रेस के खातें में चली गई। भाजपा अंतिम समय उसे दो सदस्यों का समर्थन नहीं मिला। दोनां सदस्य जीतने पर कांग्रेस ने जुलूस निकाला।
गहमागहमी के बीच मतदान
जिला पंचायत अध्यक्ष का सम्मेलन शुक्रवार को सुबह 11 बजे से प्रांरभ हुआ है। ऐसे में कांग्रेस व भाजपा दोनों के बड़ी संख्या में समर्थक जिला पंचायत कार्यालय के सामने एकत्र हो गए है। दोनों में मुकाबला कड़ा होने के कारण प्रांरभ से ही बाहर गहमागहमी का माहौल रहा है। इसके बाद जैसे ही नामांकन प्रक्रिया प्रांरभ हुई कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार सोनल भाबर को खड़ा किया है। वहीं भाजपा ने गीता चौहान को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद मतदान में कांग्रेस को जहां 6 मत मिले हैं। वहीं भाजपा की गीता चौहान को महज 6 भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के मत मिले है। इस तरह कांग्रेस की सोनल भाबर को दो मतों से विजयी रही। इसके बाद उपाध्यक्ष के लिए कांग्रेस ने मालू अकमाल डामोर को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा की ओर से बहादुर हटिला को मैदान में उतरा । उपाध्यक्ष में मतदान के दौरान भाजपा को 6 समर्थित सदस्य के मत मिले है। वहीं कांग्रेस को 8 मत मिलने के कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर भी काबिज हो गई।
बेटे रामपाल की एंट्री पर एक घंटे चला बवाल
जिला पंचायत में चुनाव को लेकर गहमागहमी के बीच भाजपा प्रत्याशी गीता चौहान के बेटे रामपाल की एंट्री को लेकर माहौल गरम हो गया है। इस दौरान रामपाल की एंट्री को लेकर एक घंटे तक कांग्रेस व भाजपा पदाधिकारियों और जमकर बवाल मचा है। इससे देख प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस को मामले में हस्ताक्षेप करना पड़ा है। दअरसल भाजपा प्रत्याशी गीता चौहान ने निरक्षर होने पर मतदान के लिए अपना प्रतिनिधि बेटे रामपाल को बना दिया। इसकी अनुमति की जानकारी कांग्रेस को लगने पर वह एंट्री पर सवाल उठाते हुुए विरोध प्रदर्शन करने लगे, लेकिन जैसे ही मतदान का परिणाम सामने आने लगा। भाजपा के समर्थक हार मान वापस लौटने लगे। इसके बाद मामला शांत हुआ है।
कांग्रेस ने सोनल को नया प्रत्याशी बनाया

बताया जा रहा है कि अंतिम समय में कांग्रेस व भाजपा दोनों दलों ने अपने अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बदल दिए। इनमें कांग्रेस का यह समीकरण जीत का बड़ा कारण बना। बताया जा रहा कांग्रेस की ओर से पहले शांति डामोर का नाम प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सभी सदस्य इस पर एक राय नहीं थे। इस पर कांग्रेस ने सोनल भाबर को नया प्रत्याशी बनाया है। इनका कोई विरोध नहीं होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष बनाने में सफल रही है। वहीं भाजपा ने अभी पहले अपना प्रत्याशी अन्नू अजमेर ङ्क्षसह को बनाया था, लेकिन अंत में जिलाध्यक्ष ने गीता चौहान को नाम आगे कर दिया है। इसके बावजूद भाजपा को समर्थन नहीं मिल पाया है। ऐसे में एक बार फिर झाबुआ में ग्राम सरकार बनाने में भाजपा चूक गई।