
मानसून आने के बाद 45 दिन में ही बारिश का कोटा पूरा, आंकड़ा 30 इंच औसत पर पहुंचा
झाबुआ. इस बार बारिश सारे रिकॉर्ड तोडऩे पर आमादा है। मानसून की आमद के बाद 45 दिन में ही बारिश का कोटा पूरा हो चुका है और आंकड़ा 30 इंच औसत से ऊपर पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके चलते पेटलावद क्षेत्र में माही नदी पर बने अंचल के सबसे बड़े माही डैम के सभी आठ गेट खोलने पड़े। जल संसाधन विभाग के सभी 202 तालाब लबालब हो गए। गर्मी में झाबुआ शहर की पेयजल व्यवस्था का संचालन करने वाले पारा क्षेत्र का धमोई तालाब और राणापुर क्षेत्र का गुलाबपुरा तालाब भी अपनी पूर्ण क्षमता तक भर चुके हैं। धमोई तालाब के वेस्टवियर से पानी झरने के रूप में बह रहा है। इसी तरह शिवसागर तालाब, पंपावती और पनास तालाब में भी पानी आ गया। इससे अब आने वाली गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनेगी।
पूर्ण क्षमता तक भरने में रह गया था 40 सेमी का फासला, खोल दिए गेट
माही नदी पर बने अंचल के सबसे बड़े डेम की क्षमता 135.60 एमसीएम है। क्षेत्र में तीन दिन से हो रही जोरदार बारिश के चलते डेम में 451.10 मीटर तक पानी भर चुका था। पूर्ण क्षमता तक भरने में केवल 40 सेंटीमीटर का फासला रह गया था। ऐसे में माही परियोजना के ईईपीसी सांकला ने तत्काल डेम के आठों गेट खुलवा दिए। यह नजारा देखने के लिए पेटलावद क्षेत्र से कई लोग माही डेम पर पहुंचे।
यूं जानिए बारिश का पूरा गणित
मानसून सत्र 15 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। जिले की औसत वर्षा 30.93 इंच है। इस बार मानसून की आमद 25 जून को हुई और 9 अगस्त की सुबह तक यानी 45 दिन में ही आंकड़ा औसत पर पहुंच गया। अभी मानसून सत्र खत्म होने में 52 दिन शेष है और मौसम विभाग अभी भारी बारिश होने की भविष्यवाणी कर रहा है। इस लिहाज से इस बार बारिश के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे।
झाबुआ, थांदला और पेटलावद में जोरदार बारिश
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान लगातार बारिश से जिले में औसत 5.7 इंच बारिश हुई है। सर्वाधिक 7.2 इंच वर्षा झाबुआ विकासखंड में दर्ज की गई। इसी तरह लगातार बारिश से थांदला विकासखंड में 6.8 इंच, मेघनगर में 6.6 इंच, रामा में 6 .2 इंच, पेटलावद में 3.7 इंच और राणापुर में 3.6 इंच बारिश रेकॉर्ड की गई।
झाबुआ मार्ग से कालीदेवी जाना पड़ा
लगातार बारिश से सापन नदी आज भी उफ ान पर रही। इससे कालीदेवी, रोटला, झकेला, ताराघाटी मार्ग बंद हो गया। शुक्रवार को कालीदेवी हाट बाजार होने से खरडुबड़ी होकर कालीदेवी जाने वाले पारा के व्यापारी को झाबुआ मार्ग से कालीदेवी जाना पड़ा। बाजार में राशन लेने आने वाले आसपास के गांव वाले भी बीच में रुके हैं। ताराघाटी के गामीणों घर का राशन लेनेजान जोखिम में डाल कर नदी उत्तर कर आते हैं।
Updated on:
10 Aug 2019, 9:26 AM IST
Published on:
10 Aug 2019, 12:27 AM IST
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