
झाबुआ जिले में जमीन विवाद के लिए राजस्व विभाग का अभियान (फोटो सोर्स: AI)
Monsoon in mp: मानसून सीजन की शुरुआत 15 जून से मानी जाती है। इस दौरान खेत की सीमाओं को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। खासकर सरकारी जमीन पर बोवनी को लेकर संघर्ष की स्थिति बन जाती है। हर व्यक्ति अपने खेत से लगी सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। बीते सालों में झाबुआ जिले में आए ऐसे मामलों को देखते हुए इस बार राजस्व विभाग विशेष अभियान चलाकर वर्षा के पूर्व सीमांकन कार्य कराया जा रहा है।
इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी कर वर्षा काल के पूर्व यह कार्य पूर्ण करने को कहा है। मई माह में अब तक लंबित सीमांकन के 571 प्रकरणों में से 440 में सीमांकन किया जा चुका है। अब केवल 131 प्रकरण शेष रह गए हैं। खास बात ये हैं कि विशेष अभियान में सीमांकन कार्य कराने के लिए भू-अभिलेख कार्यालय का मेल आईडी slrjha- mp@nic. in और संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर 8085778318 जारी किया है। इसपर सीधे संपर्क किया जा सकता है।
आदिवासी अंचल झाबुआ में हर साल बारिश से पूर्व जमीन संबंधी विवाद की बाढ़ सी आ जाती है। कई बार ये विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो जाते हैं। ऐसे में विशेष अभियान चलाकर खेतों की सीमा तय की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस विभाग भी जनसंवाद के जरिए गांवों में होने वाले ऐसे विवादों को टालने में लगा है। वर्ष 2024 में मानसून सत्र के दौरान ऐसे 564 ऐसे मामले आए थे। इनमें पुलिस ने 433 लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी।
एसपी पद्म विलोचन शुक्ल ने बताया की जमीन संबंधी विवाद पुलिस के लिए सिरदर्द साबित होते हैं। पुलिस गांव-गांव ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर विवादों को टालने में लगी है। जहां जरूरी लगेगा वहां प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी करेंगे। समझौते से भी जमीन संबंधी विवादों को रोका जाएगा। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा की वर्षाकाल में सीमांकन का कार्य बाधित हो जाता है। ऐसे में विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण करने को कहा गया है।
Published on:
30 May 2025 03:11 pm
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