
थांदला विस: नाक बचाने प्रत्याशियों को लाने होंगे 38317 मत, वरना होगी जमानत जब्त
झाबुआ. 15 दिन के इंतजार के बाद अब वो घड़ी आ गई है जब हमारे क्षेत्र के साथ ही प्रदेश का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी किसे मिलेगी इसका फैसला होगा। झाबुआ जिले की तीनों विधानसभा में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें से 8-8 प्रत्याशी झाबुआ और पेटलावद में तो 9 उम्मीदवार थांदला विधानसभा में है।
तीनों ही विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। इनमें से किसके सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा और किसकी जमानत जब्त होगी इसे लेकर शनिवार को पूरे दिन चर्चाओं का दौर चलता रहा। यदि विधानसभावार आंकड़े देखे जाएं तो थांदला विधानसभा में प्रत्याशियों को अपनी जमानत बचाने के लिए सर्वाधिक 38 हजार 317 मतों की आवश्यकता होगी। वहीं पेटलावद विधानसभा के उम्मीदवारों के लिए यह आंकड़ा 38 हजार 44 है। जबकि झाबुआ विधानसभा के प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए सबसे कम 34 हजार 135 मत की जरूरत रहेगी। जमानत बचाने 16.66 फीसदी मतों की जरूरत : चुनाव आयोग के नियमनुसार किसी भी चुनाव में जब प्रत्याशी को कुल मतदान का 1/6 यानी 16.66त्न मत नहीं मिलते हैं तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है।
उदाहरण के लिए यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में एक लाख मतदाताओं ने मतदान किया है तो यहां जमानत बचाने के लिए 1/6 यानी 16 हजार 666 मतों की आवश्यकता होगी। इससे कम मत मिलने पर प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त हो जाएगी। सामान्य वर्ग के लिए या राशि ?10000 और अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लिए राशि ?5000 हैं।
1. झाबुआ : - 2019 में हुए उपचुनाव में पांच उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया ने भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया को 27 हजार 804 मतों के अंतर से हराया था। अन्य पांच की जमानत जब्त हो गई थी। - 2018 के चुनाव में 9 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया। भाजपा प्रत्याशी गुमानसिंह डामोर ने कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. विक्रांत भूरिया को 10 हजार 437 मतों के अंतर से पराजित किया। इस चुनाव में कांग्रेस के बागी जेवियर मेड़ा को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 95 हजार 943 मत मिले थे। अन्य 6 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2. थांदला : 2018 में 8 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वीरसिंह भूरिया ने भाजपा उम्मीदवार कलसिंह भाबर को 31 हजार 151 मतों से हराया था। अन्य छह प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
3. पेटलावद : 2018 के विस चुनाव में सात उम्मीदवार मैदान में थे। इसमें कांग्रेस उम्मीदवार वालङ्क्षसह मेड़ा ने भाजपा प्रत्याशी निर्मला भूरिया को 5000 मतों के अंतर से हरा दिया था। अन्य पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
Published on:
03 Dec 2023 12:15 am
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