
फुटतालाब में हजारों लोगों ने देखा गरबा
मेघनगर. जर्मनी के विदेशी सैलानियों भी फुटतालाब के आयोजन की लोकप्रियता से नहीं बच पाए । बुधवार रात जब विदेशी सैलानी वनेश्वर मारुति नंदन नवरात्र महोत्सव में फुटतालाब के मंच पर जीवन ज्योति के फादर थॉमस के साथ पहुंचे तो भारत की धार्मिक संस्कृति के महाकुंभ को देखकर अंचभित होने के साथ-साथ भारत की आस्थाएं और अनुशासन को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।
अहमदाबाद के विशाल पथिक एंड ग्रुप की आरकेस्ट्रा द्वारा गाये जा रहे गरबों को बहुत पसंद किया जा रहा है। वही राजस्थान से फुटतालाब पहुंचे सूफी भजन और गरबा गायक विष्णु सागर को सूनने भी अंचल से हजारों श्रद्धालु फुटतालाब पहुंचे। गुजरात से आए समूह द्वारा एक हजार एक दीपक से मां की महाआरती की गई। आरती में विशेष रूप से समाजसेवी राजेन्द्र सिंह नायक भी पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेशदास महाराज , वरिष्ठ सदस्य सुरेशचंद्र पूरणमल जैन , रिंकू जैन , जैन और परिवार के साथ माता की महाआरती की। जैन ने बताया कि 19 अक्टूबर को भी फुटतालाब में गरबे और हनुमानजी की महाआरती होंगी । इसके पश्चात नृत्य नाटिकाओं की राष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुतियां मप्र और गुजरात के समूहों द्वारा दी जाएगी । श्रेष्ठ गरबा खेलने समूहों को भी पुरुस्कार दिए जाएंगे। रिंकू जैन और जैकी जैन ने श्रद्धालुओं से फुटतालाब आने का आग्रह किया है। आयोजन में थारा बिना श्याम और आओ आओ मां अंबे भवानी के गरबों पर हजारों लोगे एक साथ थिरक रहे हैं। गरबे देखने और खेलने को लेकर पहुंचे 25 हजार से ज्यादा लोगों ने अष्टमी को आयोजन में पहुंचकर आयोजन को नई ऊंचाईयां प्रदान की।
गायकों ने आदिवासी गीतों से गरबों में बांधा समां
झाबुआ. शहर के कॉलेज मार्ग पर मां अम्बे माता मंदिर परिसर में त्रिवेणी परिवार की शारदेय नवरात्र पर्व के दौरान प्रतिदिन रंगारंग गरबों का आयोजन किया जा रहा है।
यहां पर्व के सातवे दिन मंगलवार रात्रि गरबों में समां बांधने आदिवासी गीतों के गायक गुजरात के प्रसिद्ध विक्रम चौहान एवं गायिका वासु सोलंकी पहुंची और शानदार गरबा गीतों की प्रस्तुति देकर गरबा खेलने वालों को रोमांचित किया। गायक विक्रम चौहान एवं गायिका वासु सोलंकी मंगलवार रात्रि 10 बजे त्रिवेणी परिवार के सक्रिय सदस्य महेंद्रसिंह पंवार के साथ कॉलेज मार्ग स्थित अम्बे माता मंदिर पहुंचे। जहां पहले उनके द्वारा माताजी के दर्शन किए। बाद मंच पर आकर गरबों गीतों की प्रस्तुति देना प्रारंभ किया। उनके साथ उदयपुर की आर्केस्ट्रा पार्टी ने सुर और ताल मिलाया। जिस पर युवकों के साथ महिलाओं एवं बालिकाओं ने जमकर गरबे खेले। विक्रम चौहान ने गरबा गीतों के साथ फिल्मी एवं आदिवासी गीतों का शानदार समावेश कर गरबों प्रेमियों को मनमोहित करते हुए। उन्होंने इन गीतों पर अलग-अलग स्टाइल एवं पेटर्न में गरबे खेले। इस दौरान विक्रम चौहान ने झामरू गुड्डू ताड़ी पीके नाचो रे .... के साथ तिमली गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। यहां मध्य रात करीब 2 बजे तक गरबों का रंग जमा रहा।
Published on:
18 Oct 2018 10:28 pm
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