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यहां चिमनी के उजाले में कटती है ग्रामीणों की रात

पेटलावद से 12 किमी दूर कचराखदान के दो फालियों में 70 परिवार आज भी देख रहे हैं बिजली आने का रास्ता

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jhabua

पेटलावद. एक तरफ प्रदेश सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा करती है, वहीं झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील से मात्र 12 किमी दूर के कचराखदान गांव के 2 फलियों में आज भी बिजली नहीं पहुंच पाई। इन फलियों में रहने वाले बच्चे कॉलेज भी जाते हैं, जो सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त हैं। पढ़े-लिखे नौजवान अब इस बात पर अड़ गए हैं कि यदि अब उनकी समस्याओं का निदान नहीं होता है तो वे आगामी चुनावों में किसी भी दलों का समर्थन नहीं करेंगे।

गांव के नवापाड़ा फलिया में 70 परिवार रहते हैं साथ ही सिंगाड फलिया में 20 और निनामा फलिया में 20 परिवार आज भी बिजली आने का रास्ता देख रहे हैं। परीक्षा के समय में विद्यार्थी चिमनी के उजाले में पढऩे के लिए मजबूर हैं। अभावों में रहकर भी इन फलियों के युवा शिक्षा प्राप्त करने के लिए शहर के कॉलेज स्कूल भी जा रहे हैं। ग्राम के शिक्षित मुकेश गुंडिया ने बताया कि आजादी के बाद से ही उनके फलिए की सुध नहीं ली जा रही है। यहां हम लोग अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए ही तरस रहे हैं, जबकि सरकार आमजन के लिए बड़े-बड़े वादे करती है। जो योजनाएं बनाई जाती है वह लोगों तक पहुंच ही नहीं पाती। ऐसे में लोग खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। इस मामले में लोगों का आक्रोश किसी भी समय फूट सकता है।

नेताओं और अधिकारी को जानकारी होने के बाद भी समस्या का समाधान न होना यह बता रहा है कि वे हमारे प्रति कितने गंभीर है। अब हम सभी पढ़े-लिखे युवाओं यह संकल्प ले रहे हैं कि आगामी चुनावों में इन फलियों के निवासी किसी भी दल का समर्थन नहीं करेंगे। साथ ही अगर सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ा तो वह भी करेंगे। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं।