
Vulture birds have disappeared from Barwani district
बड़वानी. ऊंची उड़ान और पैनी नजर के लिए विख्यात गिद्ध अब जिले से विलुप्त हो गए है। इनके संरक्षण-पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं हुई। इसके चलते वन विभाग द्वारा दो दिन पूर्व की गई गणना में गिद्ध आंकड़ा जीरो के रूप में सामने आया है। जिले की विभिन्न बीट क्षेत्र में हुए सर्वे में गिद्ध का नामोनिशान नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि गिद्धों के संरक्षण-पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा प्रति 2 वर्ष में गणना करवाई जा रही है। वन विभाग द्वारा सर्वे के बाद भेजी रिपोर्ट उल्लेख किया है कि जिले में न तो गिद्धों के आवास, घोंसले या अंडे देखने को मिले और न ही गिद्ध है। हालांकि विभाग के अधिकारी का कहना है कि ये सर्वे जारी रहेगा। जब भी गिद्ध की मौजूदगी या साक्ष्य नजर आएंगे, शासन को अवगत कराया जाएगा।
इस तरह होती हैं गणना
गिद्धों की गणना प्रथम चरण में तब की जाती है, जब सभी प्रजाति के गिद्ध घोंसले बनाकर अपने अंडे दे चुके होते या देने की तैयारी में होते है। इसी प्रकार फरवरी आने तक इन घोंसालों में अंडों के नवजात गिद्ध निकल आते है और वे उडऩे की तैयारी में रहते है। इसलिए गिद्धों की गणना करने के लिए शीत ऋतु का अंतिम समय उपयुक्त माना जाता है। वहीं नियमानुसार उड़ते हुए गिद्ध को गणना में शामिल नहीं किया जाता है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बीते एक दशक से गिद्ध दिखाई नहीं दे रहे है। सर्वे और गणना में इनके कोई साक्ष्य भी नहीं मिले है।
प्रारंभिक सर्वे कर रिपोर्ट भेजी है
जिले में गिद्ध नगण्य हो चुके है। दो दिन पूर्व सर्वे में कहीं कोई स्थान पर इनकी मौजूदगी नहीं देखी गई। प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है। वैसे इनकी मौजूदगी पर नजर रखी जाएगी।
-अनुपम सहाय, डीएफओ बड़वानी
Published on:
11 Feb 2021 09:56 pm
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