
रबी की सिंचाई में आएगी दिक्कत, गर्मी से पहले खड़ा होगा जल संकट
झाबुआ. मानसून सीजन में टुकड़ों-टुकड़ों में हुई बारिश का असर अब देखने को मिल रहा है। जल संसाधन विभाग के 128 तालाब पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पाए। इनमें से भी 11 तालाब तो पूरी तरह से खाली ही रह गए। वर्तमान हालातों में बारिश की संभावना न•ार नहीं आ रही, ऐसे में रबी की ङ्क्षसचाई प्रभावित होना तय है। इसके साथ ही बहुत से इलाकों में गर्मी से पहले जल संकट के हालात भी निर्मित होने की संभावना बन गई है। जिले में जल संसाधन विभाग के कुल 207 तालाब है। इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 326.30 मिलियन घन मीटर है। अमूमन हर साल मानसून सीजन खत्म होने तक ये तालाब लबालब हो जाते हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। इसकी वजह मानसून सत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होना है। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश हुई, लेकिन सावन सूखा रहा। जिसके चलते जल संसाधन विभाग के तालाबों में कुल 219.09 मिलियन घन मीटर पानी ही जमा हो सका। ये कुल जल संग्रहण क्षमता का 67 प्रतिशत है।
जिले में अब तक 22 इंच ही बारिश हुई
मानसून सत्र जून से 31 सितंबर तक माना जाता है और जिले की औसत वर्षा 30 इंच है। सावन का महीना भी बीत चुका है और अब एक महज 22 इंच पानी बरसा है। अभी औसत वर्षा से भी लगभग 8 इंच पीछे हैं। टुकड़ों में हुई बारिश की वजह से सारा गणित गड़बड़ा गया। बारिश के मामले में सबसे खराब स्थिति राणापुर विकासखंड की रही। यहां अब तक केवल 15.3 इंच बारिश हुई है।
तालाबों के खाली रहने के दो असर
1. रबी की सिंचाई: रबी की मुख्य फसल गेहूं और चना है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके त्रिपाठी के अनुसार गेहूं की फसल के लिए तीन से 6 बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पड़ती है, जबकि चने की फसल में एक से दो बार ङ्क्षसचाई करना पड़ती है। जल संसाधन विभाग के तालाब से किसानों को ङ्क्षसचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में जिन इलाकों में तालाब खाली रह गए, वहां या तो रबी का रकबा प्रभावित होगा या फिर उत्पादन पर असर पड़ेगा।
2. जल संकट: तालाब में जमा पानी भू जल स्तर को भी बढ़ाने में सहायक होते हैं। निर्धारित क्षमता से तालाबों के नहीं भर पाने और बचा पानी ङ्क्षसचाई में उपयोग करने से निश्चित तौर पर भू जल स्तर में गिरावट आएगी। पीएचई ईई जितेंद्र कुमार मावी के अनुसार तालाब भू जल स्तर को बढ़ाने और उसे बरकरार रखने का सबसे बेहतर माध्यम है। यदि तालाब खाली रहे तो गर्मी से पहले ही कई इलाकों में जल संकट के हालात बन सकते हैं।
Published on:
31 Aug 2023 12:59 am
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