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घर के बाहर लिख दिया- ‘ओ कोरोना घर पर कोई भी नहीं है, तू यहां कभी मत आना’

चर्च कॉलोनी के रहवासियों ने कॉलोनी के तीनों रास्तों को बंद किया, बाहरी व्यक्ति का प्रवेश निषेध

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घर के बाहर लिख दिया- ‘ओ कोरोना घर पर कोई भी नहीं है, तू यहां कभी मत आना’

घर के बाहर लिख दिया- ‘ओ कोरोना घर पर कोई भी नहीं है, तू यहां कभी मत आना’

झाबुआ. फिल्म अभिनेता राजकुमार राव की फिल्म ‘स्त्री’ की तर्ज पर शहर की चर्च कॉलोनी में कोरोना वायरस का डर समाया हुआ है। जिस तरह फिल्म में एक साये के डर से लोग घर के बाहर लिख देते हैं ‘ओ स्त्री कल आना’ उसी तरह चर्च कॉलोनी के रहवासियों ने अपने घरों के बाहर पर्चे चिपकाएं हैं जिस पर लिखा है-‘ओ कोरोना घर पर कोई नहीं है, तू कभी मत आना’। हालांकि इसका उद्देश्य लोगों को डराने की बजाए कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूक करना है।

दरअसल चर्च कॉलोनी में 80 परिवार रहते हैं। चूंकि इन दोनों देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है ऐसे में कॉलोनी के कुछ युवाओं ने रहवासियों को जागरू्र्र्रंंक करने के उद्देश्य से एक नया प्रयास किया।
्रवार्ड पार्षद हेलन मेड़ा, विवेक मेड़ा, युवा आशीष अजय सिंगार, अक्षय बिलवाल, सुिमत मचार, अर्पिता भंडारी, आशुतोष भंडारी, विनीत भूरिया ने मिलकर ‘ओ कोरोना घर पर कोई नहीं है, तू कभी मत आना’ का संदेश लिखे पर्चे प्रिंट किए और उन्हें घरों के बाहर लगा दिया। इसके जरिए रहवासियों को यह भी कहा गया कि वे घर के बाहर न निकलें ताकि वायरस उन तक नहीं पहुंच सके और वो बीमार न हो।

कॉलोनी में आने वाले तीनों रास्ते सील किए- चर्च कॉलोनी में आने-जाने के लिए तीन रास्ते हैंं। एक जिला अस्पताल के सामने से, दूसरा बस स्टैंड की तरफ से और तीसरा जेल बगीचे के सामने से। चूंकि अधिकांश लोग शॉर्टकट के रूप में इन्हीं रास्तों का प्रयोग कर एक-जगह से दूसरी जगह जा रहे थे तो रहवासियों ने इन तीनों रास्तों को सील कर दिया है। इससे कोई भी बाहरी व्यक्ति कॉलोनी में प्रवेश न कर सके।

पहरेदारी के लिए युवाओं की टीम मास्क और सेनेटाइजर के साथ रहती है और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करते हैं। आशीष सिंगार बताते हैं-कॉलोनी में केवल दूध, फल और सब्जी विक्रेताओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है।