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झालावाड़

उल्टी-दस्त से एक बालिका की मौत, 50 बच्चे अस्पताल में भर्ती

राजकीय हीरा कंवर बा जनाना चिकित्सालय में दो दिन में उल्टी-दस्त से पीड़ित 50 बच्चे भर्ती हुए है। इनमें से एक सात वर्षीय बालिका की मंगलवार को मौत हो गई। भर्ती होने वाले बच्चों में ज्यादातर झालरापाटन में चल रहे चन्द्रभागा कार्तिक मेले में परिजनों के साथ गए थे।

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झालावाड़. राजकीय हीरा कंवर बा जनाना चिकित्सालय में दो दिन में उल्टी-दस्त से पीड़ित 50 बच्चे भर्ती हुए है। इनमें से एक सात वर्षीय बालिका की मंगलवार को मौत हो गई। भर्ती होने वाले बच्चों में ज्यादातर झालरापाटन में चल रहे चन्द्रभागा कार्तिक मेले में परिजनों के साथ गए थे। बच्चों को अचानक उल्टी-दस्त शुरू हुए। ऐसा माना जा रहा हैं कि इन बच्चों ने कहीं दूषित खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों ने बताया कि एक घंटे में कई बार बच्चे दस्त व उल्टी कर रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि भर्ती बच्चों में कई बच्चे ऐसे है, जिन्होने मेले में कुछ नहीं खाया लेकिन या तो पानी पिया या नदी के पानी से हाथ मुहं धोए है। कुछ बच्चों ने भंडारे का प्रसाद भी खाया है। इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल तक हैं।

इतने बच्चे हुए भर्ती
राजकीय जनाना चिकित्सालय में करीब 50 बच्चे भर्ती हुए है। चिकित्सालय में हर एक घंटे में दो- से तीन बच्चे उल्टी दस्त की शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं। सात वर्षीय बालिका तनवी कश्यप पुत्री अजय कश्यप की उल्टी-दस्त के बाद मौत हो गई । मृतका के पिता अजय ने बताया कि बालिका को मंगलवार को उल्टी-दस्त हुई थी,दिन में डॉक्टर को दिखा लिया था। बालिका अच्छी थी, शाम के समय फिर उसे उल्टी-दस्त हुई। उसे चिकित्सालय लेकर गए, जहां हालात खराब हुई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। बालिका ने मेले में सिंघाड़ा खाया था।

कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ी थी भीड़
जिले के सबसे बडे चन्द्रभागा मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐतिहासिक चन्द्रभागा नदी में स्नान करने आए थे। परिजनों के साथ कई बच्चे व कार्तिक स्नान करने वाली बालिकाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचती है। यहां कई बच्चे डायरिया के शिकार हुए हैं।

पीआईसीयू में भर्ती
चंद्रभागा कार्तिक मेले में मंगलवार को भंडारे में प्रसाद खाने के बाद करीब दो दर्जन से अधिक बच्चे उल्टी दस्त के शिकार हो गए। अभी बच्चों की संख्या बढ़ सकती हैं। चिकित्सालय में बच्चे पीआईसीयू, में तथा इमरजेंसी में भर्ती है। ये सभी बच्चे खतरे से बाहर है।

पानी के भी सैम्पल लिए-
सीएमएचओ डॉ. जीएम सैयद ने बताया कि मंगलवार को चन्द्रभागा कार्तिक पूर्णिमा पर बच्चे स्नान करने गए थे। बच्चों ने वहां लगे नलकूप से पानी पीया एवं मेले में चल रहे बालाजी मन्दिर के भण्डारे में प्रसादी ग्रहण की। कुछ बच्चों ने पानी पताशे भी खाए थे। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई। कोई भी बच्चा गम्भीर स्थिति में नहीं है। बच्चों का मेडिकल टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है। भर्ती बच्चों के कुल 5 स्टूल सैम्पल लेकर जांच के लिए वीआरडीएल लैब भिजवाए गए। परिजनों द्वारा बताए जलस्रोतों से 7 सैम्पल लिए गए, जिसमें से 4 सैम्पल नदी के घाटों के व एक सैम्पल ट्यूबवैल एवं 2 सैम्पल हैंडपम्प से लिए हैं। इन्हें जांच के लिए पीएचईडी लैब भेजा गया है। मेला कमेटी की बैठक बुलाकर सभी को साफ-सफाई व ताजा खाद्य पदार्थ रखने के लिए निर्देशित किया गया है। हर दो घंटे में एनाउंस करवाया जा रहा है।

50 बच्चे भर्ती हुए-
जनाना चिकित्सालय में करीब 50 बच्चे भर्ती हुए। सभी बच्चे खतरे से बाहर है। पानी के सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्थिति स्पष्ट होगी। सभी बच्चों को ड्रिप चढ़ा रखी है, डिहाइड्रेशन है। बाकी कोई विशेष परेशानी नहीं है।
डॉ. गौतम नागौरी, विभागाध्यक्ष शिशुरोग विभाग, झालावाड़