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ancient heritage : हरियाली के बीच चाय का चबूतरा, चु​स्कियां लो और गपशप मारो

रियासतकालीन इस चबूतरे की हाल ही वन विभाग ने मरम्मत कराई है

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A tea stall amidst the greenery, sip and chat

झालावाड़ शहर के पास रेलवे स्टेशन के ऊपर पहाड़ी पर बना चाय का चबूतरा

झालावाड़. शहर में और आसपास एक से बढ़कर एक नायाब धरोहरें हैं। इन्हीं में से एक है रेलवे स्टेशन के पास पहाड़ी पर बना चाय का चबूतरा। शायद इसके बारे में नई पीढ़ी नहीं जानती होंगी। यह पूरी तरह हरियाली से अच्छादित है। रियासतकालीन इस चबूतरे का हाल ही वन विभाग ने जीणोZद्धार कराया है। इससे यह और आकर्षक हो गया है। इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज होने के पीछे कुछ कहानियां जरूरी होती है। ऐसी ही कहानी झालावाड़ की खूबसूरत जगह चाय के चबूतरे की भी है। झालावाड़ क्षेत्र के इंटेक कन्वीनर राज्यपाल शर्मा ने बताया कि झालावाड़ रियासत के पांचवे नरेश महाराज राणा राजेंद्र सिंह को वन भ्रमण पसंद था। प्रकृति के सौंदर्य को करीब से निहारने के लिए सन् 1931- 32 के आसपास रेलवे स्टेशन के सामने जो पहाड़ी है उस पर उन्होंने एक बैठक का निर्माण कराया। यही स्थान वर्तमान में चाय के चबूतरे के नाम से प्रसिद्ध है। यहां बैठने के लिए पत्थर की बेंच थी जिसे चूने का प्लास्टर कर सोफे की तरह बनाया गया था। सामने भी बैठक से कुछ नीचे की ओर पत्थर की बेंचे थी। बीच में पत्थर की गोलाकार सेंटर टेबल बनी थी।

कार लेकर जा सकते हैं
मुख्य सड़क से जंगल के रास्ते चबूतरे तक पहुंचने के लिए गिट्टी मार्ग बनाया गया था जिस पर से कार आसानी से चबूतरे तक पहुंचती थी। आज भी यहां कार से पहुंचा जा सकता है। राज परिवार द्वारा जंगल भ्रमण के दौरान इस स्थान का उपयोग चाय पानी एवं पार्टियों के लिए किया जाता था। इसी से यह स्थान चाय के चबूतरे के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

कभी यहां खूब गोठ होती थी
नेचर प्रमोटर मनोज शर्मा ने बताया कि शहर के लोग इस स्थान पर गोठ आदि किया करते थे। जंगल कम हो जाने और चबूतरा क्षतिग्रस्त होने से यह सिलसिला थम सा गया था जो फिर से शुरू हो सकेगा। चबूतरे के पास में ही वन विभाग द्वारा वॉच टावर बनाया गया है। यहां से प्रकृति के नजारे व गांवड़ी तालाब का दृश्य देखने लायक होता है।

डीएफओ ने देखा और कायापलट हो गया
मुख्य उपवन संरक्षक वी चेतन प्रकाश ने बताया कि एक बार वन भ्रमण के दौरान यह स्थान देखा और इसकी जानकारी ली। इसके बाद इसका जीणोZद्धार कराया गया। यहां वाॅच टावर भी बनाया है। अभी यहां और भी काम कराए जाएंगे। क्षेत्रीय वन अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि यह क्षेत्र वनखंड रायपुर, बालगढ़ के अंतर्गत है। यहां से झालावाड़ शहर का पूरा व्यू देखा जा सकता है।

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