नहीं रूक रहे हादसे, सड़कें हो रही लाल

-हादसों में कमी लाने के लिए वाहनों की गति पर अंकुश लगाना जरूरी

By: harisingh gurjar

Published: 18 Dec 2020, 11:20 PM IST

एक्सक्सूसिव
हरिसिंह गुर्जर


झालावाड़. तेज गति और शराब पीकर लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों पर अंकुश लगाने में झालावाड़ की यातायात पुलिस इन दिनों लाचार साबित हो रही है। इसकी प्रमुख वजह है इंटरसेपटर वैन(कार)का अभाव। जिले में दो इंटरसेप्टर वाहन हैए जिनमें से एक जिला मुख्यालय व एक आसपास के हाई.वे पर वाहनों की ओवरस्पीड को रोकने का काम कर रहा थाए लेकिन कोरोना लॉकडाउन के बाद से वाहनों की स्पीड कंट्रोल करने का कोई काम नहीं हो रहा है। एक वाहन पुलिस लाइन में धूल फांक रहा है, तो खराब पड़ा है।
गौरतलब है कि झालावाड़ में वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे हादसों की रोकथाम व सड़कों पर तेज गति से दौडऩे वाले वाहनों के चालान काटने के लिए इंटरसेप्टर वैन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद इंटरसेप्टर से एक भी चालान नहीं काटा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वाहन की विशेषता यह है कि दूर से ही निर्धारित गति से तेज चलते वाहन का पता लगा लेती है तथा नशे की जांच के लिए भी वाहन में मशीन लगी होती है।यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने में यह वाहन पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है। वहीं सूत्रों ने बताया कि जिले में यातायात पुलिस में नफरी का टोटा भी समस्या बना हुआ है।
हर माह काटे जाते थे चालान-
झालावाड़ यातायात पुलिस द्वारा इंटरसेप्टर वाहनों से प्रतिदिन 25-30 चालान काटे जाते थे। हालांकि पुलिस को प्रतिदिन 40 चालान काटने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इस प्रकार यातायात पुलिस इंटरसेप्टर वाहन की सहायता से एक माह में ओवरस्पीड व शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के 800 से 900 तक चालान काटती है। लेकिन अब इंटरसेप्टर वाहन के अभाव में पिछले सात महीने से एक भी चालान नहीं कट पाया है। हालांकि जिले में गत वर्ष से सड़क हादसे व घायलों की संख्या में कमी आई है लेकिन एक ही दुर्घटना में एक से अधिक लोग की मौत होने से मृतकों का ग्राफ बढ़ रहा है।

सड़क हादसों में इन्होंने गंवाई जान-

केस एक-
25 नवम्बर को जिले के गंगधार थाना क्षेत्र के जेताखेड़ी फंटे पर कार व दो बाइक में जबरदस्त भिड़ंत हुई। जिसमें पिता व उसके 2 पुत्र सहित 3 की मौके पर व एक बालिका की बाद में मौत हो चुकी है। जिसमें देवरिया विजय सुवासरा थाना निवासी दिनेश 26 वर्ष एउसके दो पुत्र अंशुल 7 वर्ष व अंश एक वर्ष की मौके पर ही मौत हो गईए वहीं दूसरी बाइक पर सवार संजना वर्ष 12 की उदयपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। वहीं इसके तीन दिन पहले इसी रोड पर कार के पलटने से लाडकंवर 50 वर्ष की मौत हो गई थी।

केस- दो
जिले के झालावाड़.बारां मेगा हाइवे पर बाघेर के निकट 28 नवम्बर को रोडवेज बस ने एक बाइक का रौंदा। जिसमें रामप्रसाद तंवर व उसकी पांच साल की बेटी कब्बू व उसके रिश्तेदार रतनलाल तंवर की मौके पर ही मौत हो गई।
केस तीन-
पुलिस ने बताया कि जिले के असनावर थाना क्षेत्र में एक दिसम्बर को अकलेरा से झालावाड़ शादी में आ रहे कार सवार के ओवरटेक करने के चक्कर में मिनी ट्रक से भिंड़त होने से एक ही परिवार के तीन जनों की मौके पर ही मौत हो गई। अकलेरा निवासी गुड्डू उर्फ सत्तार भाई 55 वर्ष, सत्तार की पत्नी नूर बानो 52 व, उसका पुत्र साबिर 28 की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो महिलाएं घायल हो गई।

केस चार-
7 दिसम्बर को चौमहला निवासी सोनू 24 वर्ष की आलोट.ताल मार्ग पर कार पलटने से मौके पर ही मौत हो गई।
केस पांच-
राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर बरेडी घाटी के पास 7 दिसम्बर को अमलावदा गांव निवासी प्रकाश मीणा को रोड पार करते समय तेज गति से आ रहे कंटेनर ने कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


जिले सड़क दुर्घटनाएं
वर्ष हादसे घायल मृतक
2015 514 733 170
2016 420 612 179
2017 449 593 164
2018 498 765 170
2019 514 691 147
2020 432 497 156 नवम्बर माह तक

कमी लाने का प्रयास कर रहे हैं-
जिले में एक इंटरसेंप्टर खराब है, दूसरी चालू है, अभी कोरोना की वजह से चालान नहीं बना पा रहे थेए अब फिर से तेज स्पीड वालों के चालान बनाएंगे। कई जगह रोड के भी इश्यू है, एनएचआई से बात कर हादसों में कमी लाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
डॉ.किरण कंग सिद्धू, जिला पुलिस अधीक्षक,झालावाड़।

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