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पर्याप्त यात्री भार, लेकिन बस के लिए लंबा इंतजार

कई मार्गो पर रोडवेज को सुविधा बढ़ाने की जरूरत

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Adequate passenger load, but long wait for bus

सुनेल रोड़वेज बस के अभाव में चलती हुई निजी बस।

सुनेल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद लोगों को रोडवेज बस सेवा शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन प्रशासन ने मात्र सुनेल, कनवाड़ा मार्ग से झालावाड़ तक एक बस चालू कर ईतिश्री कर ली।
गौरतलब है कि पंचायत समिति मुख्यालय होने के बाद भी कस्बे सहित क्षेत्र की जनता को रोडवेज सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इससे कस्बे सहित ग्रामीण अंचल से जिला मुख्यालय सहित कोटा आने जाने में निजी बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
परेशानी हो रही
जिला मुख्यालय पर कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, कोटा जाने वाले व्यापारियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी हो रही है। नाराज लोगों का कहना है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रूट पर सवारियां नही मिलने का कारण बताकर सेवा को बंद कर देते है।
तीन सौ गांवों के लोग वंचित
सुनेल सहित जोनपुरा, हेमड़ा, सलोतिया, सिरपोई, बोलियाबुजुर्ग, चछलाव, ढाबलाखींची, सेमला व मगीसपुर आदि ग्राम पंचायतों के करीब तीन सौ गंावों के लोग सेवा से वंचित हैंद्ध सूत्रों के अनुसार रोडवेज बसों का परमीट ले रखें है लेकिन बसें नही चलती हैं। इनको निजी बसें चलने नही देती है।
यंहा चलती थी बसे
कस्बे में करीब 10-15 साल पहले कई बसों का संचालन होता था। इसमें सुनेल- खण्डवा, ओंकारेश्वर -इन्दौर, उज्जैन- सुनेल, कोटा रामगजमंडी, सुनेल-डग, बड़ोद- सुनेल से पिड़ावा- जयपुर, झालावाड- कोटा सहित कई बसें संचालित होती थी, लेकिन धीरे-धीरे सब बंद हो गई। वही महिलाओं को 50 प्रतिशत की छुट की घोषणा का लाभ नहीं मिल रहा है। छात्रा पिंकी कुमारी ने बताया कि भवानीमंडी बिड़ला कॉलेज में अध्ययन करती हूं हमको भवानीमंडी जाने आने बहुत परेशानी होती है निजी साधनों से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सेवा चालू करने की मंाग
सुनेल हेमड़ा क्षेत्र के हेमड़ा गंाव के ग्रामीणों ने राजस्थान राज्य रोडवेज डिपो परिवहन विभाग में ज्ञापन भेजकर हेमड़ा से झालावाड़, भवानीमंडी, सुनेल, सोयत से रावतभाटा तक बस सेवा चालू करने की मंाग की। ग्रामीण लालचंद मेघवाल ने बताया कि लॉकडाउन के समय ही बंद हो रही है। इसमें 65 गंावों से अधिक ग्रामीणों का आना- जाना बना रहता है। वहीं ग्रामीण डाक सेवा भी प्रभावित हो रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
कोटा निजी बसों से जाना पड़ता है। इससे महिलाओं, विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिकों, नि:शक्तजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी बसों में भीड़ होने से असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
राजेन्द्र टेलर व्यापारी
जब से स्टेट रोडवेज का संचालन बन्द हुआ है तब से व्यापारियों एवं श्रद्वालुओं को असुविधा हो रही है। बोहरा समाज के लोगों को धार्मिक स्थल बुरहानपुर जाने के लिए पहले सुनेल से बस मिलती थी, जो वर्तमान में बंद है।
ओमप्रकाश मंडलोई,निवासी सुनेल
कोरोनाकाल में हुई थी बंद, ग्रामीणों निजी वाहनों के आसरे
पनवाड़.कस्बे के मध्य से गुजर रहे देवील-अरनिया स्टेट हाइवे पर पर्याप्त रोडवेज बसों के अभाव में यात्रियों को निजी वाहनों के आसरे रहना पड़ रहा है। कोरोनाकाल से पूर्व बंद बसें तीन वर्ष बाद भी नहीं चली हैं। पनवाड़-सांगोद मार्ग पर बारां पहुंचे के लिए सीधी बस नहीं है। इसी तरह पनवाड़-हरिगढ़ मार्ग पर बसों का संचालन नही होने के कारण यहां से जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए यात्रियों को पसीना बहाना पड़ रहा है। पनवाड़, उम्मेदपुरा, सरखण्डिया, आकोदिया, चलेट, बिशनखेड़ी, बागोद,लायफल, चमलासा, बांसखेड़ा, निपानिया, दहीखेड़ा सहित कई गांवों के यात्रियों को जिला मुख्यालय पर पहुंचने के लिए निजी वाहनों से उपखंड मुख्यालय खानपुर होते हुए झालावाड़ पहुंचना पड़ता है। इसके कारण समय व धन की आर्थिक परेशानी उठानी पड़ती है। वैसे तो पनवाड़ से जिला मुख्यालय की दूरी चालीस किमी है, लेकिन सीधी बसों के अभाव में खानपुर होकर अठारह किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर पहुंचना पड़ता है।
ये अभी भी बंद
कस्बे के मध्य से गुजर रहे देवली- अरनिया स्टेट हाइवे पर कोरोनाकाल से पूर्व राज्य परिवहन निगम की चांदखेड़ी-हिण्डौन, कोटा-अकलेरा द्वितिय, दहीखेड़ा-झालावाड़ वाया हरिगढ़ सहित कई बसों का संचालन होता था। दहीखेड़ा निवासी बलराम गुर्जर, बागोद निवासी देवकरण नागर, दानवास निवासी मुकेश सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि बसें बद होने परेशानी हो रहा है।
सरकार महिलाओं को छूट दे रही है, लेकिन पर्याप्त रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से मनमाना किराया देकर आवागमन करना पड़ रहा है। कई बार अधिक सवारियों के बीच मजबूरी में सफर करना पड़ता है।
ओमप्रकाश, यात्री
यात्रियों को सुगम यात्रा के लिए रोडवेज बसों में रियायत के साथ सरकार को बसों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए। झालावाड़ व बारां जिला मुख्यालय तक भी रोडवेज बस संचालित हो सकती हैं।
गायत्री बाई, यात्री
कोटा-अकलेरा सेवा शुरू होने पर चालक-परिचालक का स्वागत
पनवाड़.कस्बे में कोरोनाकाल से बंद कोटा-अकलेरा प्रथम बस का शनिवार सुबह संचालन होने पर लोगों ने चालक व परिचालक का स्वागत किया। यह बस पूर्व की भांति प्रात:साढ़े छ:बजे कोटा से चलकर साढ़े आठ बजे पनवाड़ पहुंचेगी। यही बस दोपहर बाद अकलेरा से चलकर तीन बजे पनवाड़ से होते शाम को कोटा पहुंचेगी। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। इसको लेकर बस स्टैंड पर कस्बे के गोसेना टीम के सदस्य छोटू बना, उपसरपंच कमल बासुण्डिया, दशरथ सिंह सोलंकी, रामस्वरूप श्रृंगी, टीकम शर्मा, भोजराज, लक्ष्मण मेहरा, रमेश सुमन, लखन, पंकज गुर्जर सहित कई लोगों ने चालक गोविन्द बोहरा व परिचालक बिट्टू मेहरा का स्वागत किया।