काठ का ना सही, कंक्रीट का ही सही लेकिन करीब 10 साल बाद फिर से रेन बसेरा का सपना पूरा होने जा रहा है। तालाब के किनारे उसी जगह इन दिनों रेन बसेरा का काम धड़ाधड़ चल रहा है और यह आकार लेने लगा है। इससे फिर से इसके जीवंत होने की कवायद शुरू हो गई है। जल्दी ही हमें फिर से वही रेन बसेरा देखने को मिलेगा जो शहर के लिए एक अनूठी इमारत थी।
नया रेन बसेरा बाहर से भले ही सीमेंट कंक्रीट का बनेगा लेकिन अंदर से इसे पुराने स्वरूप में ही आकार दिया जाएगा। इसके लिए राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड जयपुर ने 2 करोड़ 9 लाख का बजट जारी किया है। इसका निर्माण कार्य इन दिनों चल रहा है। इसके बेसमेंट फाउंडेशन का काम हो गया है। एक दो दिन में इसकी छत डालकर बाकी पिलर का काम शुरू किया जाएगा।
पहले जैसा ही बनाने का प्रयास
हर पिलर पर वुडन कार्य होगा। साथ ही दीवारों, फाल सिलिंग और अंदर से सब जगह वुडन कार्य होगा। इससे यह पहले जैसा ही दिखाई देखा। इसकी छत को भी पुराने रेन बसेरा की तरह ही डिजाइन किया गया है। इसमें कवेलू जैसा आकार दिया जाएगा।
रेन बसेरा का काम चल रहा है। बेसमेंट फाउंडेशन तैयार हो गया है। जल्द ही अन्य बीम तैयार होंगे। 25 पाइल फाउंडेशन और 25 पिलर पर इसका स्ट्रक्चर तैयार होगा। इससे यह न केवल मजबूत होगा बल्कि लंबे समय तक टीका रहेगा।
विक्रम मेहरानिया, सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग