
एक ऐसा अस्पताल जहां प्रसूताएं अवकाश पर हो जाती है भगवान भरोसे
झालावाड़. हीराकुंवर बा जनाना चिकित्सालय के प्रसूति रोग विभाग के हाल भगवान भरोसे ही है। यहां विभाग की तीन यूनिटों में 14 चिकित्सक कार्यरत हैं लेकिन शनिवार को करीब 9 चिकित्सक अवकाश पर थे। ऐसे में व्यवस्थाएं चरमरा गई। प्रसूताओं को परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल में इन दिनों रोजाना करीब ३० से ४० प्रसव हो रहे है लेकिन अस्पताल की तीनों यूनिट के अधिकांश चिकित्सकों के अवकाश पर रहने के कारण प्रसूताओं को परेशानी हो रही है। रात्रि में प्रसव के लिए प्रसूताओं को नर्सों के भरोसे रहना मजबूरी बना हुआ है।
शनिवार को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रथम यूनिट में विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू अग्रवाल, यूनिट द्वितीय में प्रोफेसर डॉ. सावित्री शर्मा २१ जनवरी तक अवकाश पर थीं। इसके बाद से नहीं आने एवं इसी यूनिट में डॉ. नीलम शर्मा, डॉ. मधुरिमा वर्मा व यूनिट तृतीय में डॉ. राधेश्याम मेहर के अचानक अवकाश पर रहने एवं डॉ. निधि वर्मा व डॉ. शशि प्रभा समेत दो अन्य के अवकाश पर रहने के कारण यहां प्रसूताएं भगवान भरोसे ही रही। ऐसे में तीनों यूनिट में समय पर राउंड नहीं हुए। वहीं चिकित्सकों के अवकाश के बाद पीजी रेजीडेंट्स के भरोसे व्यवस्थाएं हो गई।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की यूनिटों में एक साथ चिकित्सकों के अवकाश पर जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इन यूनिटों में व्यवस्थाएं रेजीडेंट के भरोसे ही संचालित करना पड़ी थी। इतना होने के बाद भी चिकित्सकों का रवैया ठीक नहीं हुआ। इससे पूर्व पिछले वर्ष 30 व 31 दिसम्बर व नवम्बर के अंतिम सप्ताह में इस तरह के हालात बने थे।
परामर्श के लिए इंतजार
उधर जनाना चिकित्सालय के आउटडोर में आई प्रसूताओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों को परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा। बाहर से आने वाली प्रसूताओं ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श नहीं मिलने के कारण अब उन्हें दुबारा आना पड़ेगा। ऐसे में उनको परेशानी होगी। उधर अवकाश के बाद जनाना चिकित्सालय के तृतीय यूनिट में ऐसी स्थिति हो गई कि यहां एक सीनियर रेजीडेंट के भरोसे पूरी यूनिट करनी पड़ी। यहां यूनिट में कार्यरत सभी चिकित्सकों के अवकाश पर रहने के कारण सीनियर रेजीडेंट के भरोसे यूनिट हो गई।
जनाना चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में शनिवार को 14 में से 9 चिकित्सक अवकाश पर थे। ऐसे में यूनिट के संचालन में परेशानी हुई। वहीं तृतीय यूनिट का चार्ज एक सीनियर रेजीडेंट को सौंपा था। वो भी बिना बताए ही चली गई। इस सारे मामले की रिपोर्ट डीन को सौंप दी है।
डॉ. राजन नंदा, अस्पताल अधीक्षक हीराकुंवर बा जनाना चिकित्सालय
Published on:
28 Jan 2018 05:09 pm
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