मौसम में बदलाव का असर अब दिखाई देने लगा है। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी भी एकाएक बढ़ गई है। बुधवार को एसआरजी जिला अस्पताल की ओपीडी 2500 से अधिक मरीजों की रही। जो अस्थमा, जुकाम-खांसी, वायरल बुखार व सांस संबंधी बीमारियों से पीडि़त हैं। इसके साथ ही बीपी व शुगर, जोड़े के दर्द आदि पुरानी बीमारियों के मरीज भी अस्पताल आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में अचनाक हुए बदलाव व तापमान में गिरावट के कारण अब सर्दी जनित बीमारियों के मरीज आ रहे है। इसमें खांसी-जुकाम व वायरल बुखार के मरीज सबसे अधिक हैं।
काउंटर से ओपीडी कक्ष तक कतार-
सुबह अस्पताल खुलने के साथ ही पर्ची काउंटर पर लंबी कतार देखने को मिल रही है। पर्ची के बाद ओपीडी कक्ष में चिकित्सक से लेकर जांच कक्ष तक मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। एक बार सर्दी-जुकाम व वायरल की चपेट में आए मरीज को ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है। प्लेटलेट्स में गिरावट चिंता का कारण- अस्पताल में पहुंच रहे मौसमी बीमारियों के मरीजों में से रोज कई मरीजों की जांच में प्लेटलेट्स में गिरावट देखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल बुखार के कारण कई मरीजों में प्लेटलेट्स में गिरावट आ रही है। तेज बुखार के चलते मरीजों में कमजोरी, शरीर में एठन-दर्द की शिकायतें आम है।
अस्थमा के मरीजों की संख्या में इजाफा-
एसआरजी अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब 5 से 7 प्रतिशत अस्थमा से पीडित हैं। सांस संबंधी अन्य बीमारियों से पीडित मरीजों में बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में आए बदलाव से अस्थमा व सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वही, बच्चों में सर्दी, खांसी-जुकाम, वायरल बुखार व निमोनिया के मरीज भी अस्पताल आ रहे है।
मास्क का उपयोग करें-
मौसम में आए बदलाव से जुखाम-खांसी सहित श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीज अस्पताल आ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का उपयोग कर दवाएं नियमित लेनी होगी। इसके साथ ही वायरल बुखार व सर्दी जनित बीमारियों से बचाव के लिए हेल्दी डाइट के साथ नियमित योगा व व्यायाम भी करना होगा। यूरिक एसिड बढऩे के कारण भी जोड़ों में दर्द की परेशानी हो रही है। सर्दी में ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। गर्म खाना खाएं,सुबह-शाम सर्दी का असर अधिक होने के कारण गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकले।
डॉ.पीयूष बैंसला फिजिशियन
जिला अस्पताल की ओपीडी व आईपीडी के आंकड़े
दिनांक ओपीडी आईपीडी
1 दिसंबर 1904 219
2दिसंबर 2508 194
3दिसंबर 912 189
4दिसंबर 2595 230
5 दिसंबर 2595 266
6 दिसंबर 2714 217
आयुर्वेद चिकित्सालय में भी पहुंच रहे मरीज-
आयुर्वेद चिकित्सालय में इन दिनों जोड़ों का दर्द, जुकाम-खांसी, बुखार, चर्म रोग व पेट संबंधी बीमारियों से पीडित मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। इसमें भी करीब 60 से 70 प्रतिशत मरीज जोड़ों के दर्द से पीडि़त हैं। जोडों के दर्द को लेकर 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की संख्या अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर खड़े रहकर कार्य करने व आहार-विहार में नियंत्रण नहीं रहने से महिलाओं में कमर, घुटनों व एडी में दर्द की परेशानी अधिक हो रही है।
जुकाम-खांसी, बुखार के मरीज अधिक आ रहे-
इस समय मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी, जुकाम-खांसी, बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। बुखार होने पर तुरन्त चिकित्सक का परामर्श लेकर जांच करवाकर तुरन्त उपचार लें।मौसम में आए बदलाव से सांस संबंधी बीमारी से पीडि़त मरीज, हार्ट, लखवे व जोड़ों के दर्दके मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिसके संास की दवाईयां चल रही है वो मरीज नियमित रुप से दवाई लें, सुबह-शाम ठंडी हवा में जाने से बचे, गर्म कपड़े पहनकर रखें।गर्म पानी से ही स्नान करें। बुजुर्ग जल्दी सुबह घूमने की बजाए देर से घूमने जाएं।
डॉ.आरएन मीणा, वरिष्ठ फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज, झालावाड़।
150 मरीज प्रतिदिन आ रहे
इन दिनों मौसम में आए बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम,खांसी, बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सभी यूनिट के मिलाकर करीब 150 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। जिसमें गठिया रोग, सीनियर सिटीजन मौसम में आए बदलाव की वजह से ज्यादा आ रहे हैं।
डॉ.शिवशंकर सोनी, प्रधान चिकित्साधिकारी, अ श्रेणी आयुर्वेद चिकित्साल; मंगलपुरा,झालावाड़।