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अंधे मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा

- नदी में बोरे में मिले शव की सुकेत निवासी महावीर गुर्जर के रुप में हुई शिनाख्त

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अंधे मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा

अंधे मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा


झालावाड़.जिले के कालीसिंध नदी में 4 अगस्त को मिली लाश के मामले में पुलिस ने बुधवार को सनसनीखेज खुलासा कर सात लोगों को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान सुकेत निवासी महावीर गुर्जर (35) के रुप में हुई है। उसकी लाश 4 अगस्त को एक प्लास्टिक के कट्टे में कालीसिंध नदी पर हरिश्चन्द्र डेम पर सड़ी गली लाश मिली थी जिसे तार से बांध रखा था। साक्षय छुपाने के लिए अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नदी में फैका गया था। इस मामले में मंडावर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मौके से मृतक के पास से मिले मोबाइल से सारा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने सुकेत निवासी सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि हत्या के सभी अभियुक्त एक ही परिवार के व्यक्ति है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने निर्देशन में गठित टीम में विमल सिंह वृताधिकारी खानपुर, एसएचओ मंडावर रामप्रसाद, खानपुर एचएचओ महेद्र मारु, हैड कांस्टेबल दिलीप कुमार, कांस्टेबल राजाराम, जगदीश, चन्द्रेश दशरथ शर्मा, लालराम, हनुमान की टीम ने करीब दस किलोमीटर गागरोन किले तक नदी के बहाव की लाश आने के संदर्भ में तलाशी कर अनुसंधान किया। पुलिस ने कालीसिंध डेम, तीनधार पुलिया, आहू नदी,पुलिस सुकेत, गागरोन किले की दोनों पुलियाओं पर जाकर लाश नदी में आने वाले बहाव के संबंध में अनुसंधान कर साक्ष्य एकत्रित किए।

मृतक की जेब से मिले मोबाइल से हुआ खुलारा-
मृतक की जेब से मिला मोबाइल दुर्जनपुरा के एक व्यक्ति का पाया गया। टीम द्वारा गोपनीय जानकारी से पता चला कि 15 दिन पहले सुकेत थाना क्षेत्र के 2 व्यक्ति जो स्मैक पीने व लेने के लिए दुर्जनपुरा आने की जानकारी मिली। इस दौरान सुकेत थाने के कांस्टेबल हीरा पुनिया, हैड कांस्टेबल सतीश ने गोपनीय रुप से पता किया तो सुकेत निवासी महावीर गुर्जर व जल्लू मुसलमान स्मैक पीने के आदि है ओर जल्लू सुकेत थाने का हिस्ट्रीसीटर होना पाया गया। वहीं महावीर के 15 दिन से सुकेत में नहीं दिखने की जानकारी मिली। इसी दौरान मंडावर थाने में आकर महावीर को अंतिम बार जल्लू के साथ रहने की जानकारी दी तथा थाने में रखे कपड़े उसके पिता व रिश्तेदारों को दिखाने पर उन्होंने कपड़े व अन्य वस्तु महावीर के ही बताए। अनुसंधान के दौरान मृतक का सम्बंध सुकेत क्षेत्र से होना पाया जाने पर विशेष टीम द्वारा जलालुद्दीन को व उसके परिवारजनों से कड़ी पूछताछ की तो जलालुद्दीन व अन्य अभियुक्तों द्वारा महावीर की हत्या करना कबूल कर लिया।

अवैध संबंध के शक में मार डाला-
पूछताछ में जलालुद्दीन उर्फ जल्लू ने बताया कि 10-15 दिन पहले वह और महावीर गुर्जर स्मैक लेने दुर्जनपुरा गए थे। जहां से रात को भोपाल बस समें बैठकर सुकेत आ गए। इसी दौरान रात को महावीर को मेरे घर रहने का कहकर सुला दिया था। महावीर को मैंने मेरी पत्नी के कमरे में जाते हुए देखा था। मेरी पत्नी मुमताज व उसके बीच अवैध संबंध का मुझे पूर्व में शक था। कमरे में जाते हुए देखकर मैंने व भाईयों व परिवारजनों ने योजनाबद्ध तरीके 23 जुलाई को महावीर गुर्जर को चाकू व अन्य धारदार हथियारों से हत्या कर शव को प्लास्टिक के बोरे में रख दी। शव को घर पर ही तीन दिन तक रखा। शव में बदबू आने पर जल्लू व उसके परिवारजनों ने प्लास्टिक के कट्टों में बांधा में बांधा। जिससे मोहल्ले में बदबू नहीं आए इसके लिए कई अगरबतियां जलाई। मतृक की पहचान नहीं हो व लाश को ठिकाने लगाने के लिए एक राय होकर जल्लू व उसकी पत्नी मुमताज, जंवाई शानू, बेटी नसीम, अंजू, सद्दाम, कल्लू, शरीफ, इमरान ने योजना बनाकर लाश को घर से बोलेरो गाड़ी में रात को झालावाड़ होते हुए 26 जुलाई को गागरोन दुर्ग की मंडावर पुलिया पर लाश को नदी के तेज बहाव में डालकर वापस घर में आ गए।

यह है हत्या के अभियुक्त-
नसीम उर्फ भूरी (30),मुमताज(50), जल्लू उर्फ जलालुद्दीन (65),शानू उर्फ अमजद निवासी झालावाड़,अंजू उर्फ इसरार(26),सद्दाम(23)कल्लू उर्फ शिराजुद्दीन (45) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तथा शरीफ (40) व इमरान (22) अभी फरार चल रहे हैं। जलालुद्दीन के खिलाफ सुकेत थाने में मादक पदार्थ, झगड़ा,चोरी आदि के13 प्रकरण दर्ज है। वहीं एसपी शर्मा ने बताया कि पूरे परिवार की अपराधिक पृष्ठभूमि है। सभी पर कई मामले दर्ज है।