
सरकार से 3000 रुपए का धनिया बीज खरीदा, 50 हजार खर्च किए, उत्पादन जीरो
झालावाड़ झालरापाटन. उद्यान विभाग की ओर से किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए उन्नत किस्म के धनिए के आरसीआर 728 बीज में डोडिया नहीं बनने और पैदावार नहीं होने से किसानों को लाखों रुपए का नुकसान होने से रोष व्याप्त है। उद्यान विभाग ने दर्जनों किसानों को इस किस्म का बीज 150 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया था।
झालरापाटन तहसील के गांव नलखाड़ी निवासी किसान रामलाल नागर ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग से 4 बीघा जमीन के लिए 20 किलो धनिया का बीज 3000 रुपए में खरीदा था और एक हैक्टेयर में उन्होंने इसकी बुवाई की थी। बुवाई के पश्चात उन्होंने फसल को 8 से 10 बार पानी पिलाया और दो बार मच्छर एवं ईल्ली के लिए दवा का छिड़काव कराया। जिससे उनको इन सभी पर करीब 50 हजार रुपए का खर्चा आया। इसके बावजूद धनिया के पौधे में डोडिया नहीं बनी, जिससे उनकी सारी उम्मीद पर पानी फिर गया।
कुछ भी हासिल नहीं
रामलाल ने बताया कि वर्तमान में किसानों के यहां एक हैक्टेयर क्षेत्रफल में ढाई लाख रुपए के धनिया की पैदावार हुई है और उनको इतनी लागत लगाने के बावजूद कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इस पर उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया तो अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से खराब बीज उपलब्ध कराया, जिससे यह परेशानी आई। नागर ने प्रशासन से उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
यहां भी परेशानी
इसी प्रकार की शिकायत गांव भंवरासा, पुरी, लावासल, टाड़ीसोहनपुरा, नलखाड़ी के दर्जनों किसानों को भी आई है। जिन्होंने भी कृषि विभाग को इसकी शिकायत की है।
अधिकारियों की टीम ने किया सर्वे
किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग ने पांच अधिकारियों कृषि विस्तार उपनिदेशक, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के पादप प्रजनन विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञ, राजस्थान राज्य बीज निगम के संयंत्र प्रबंधक, कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार के कृषि अनुसंधान अधिकारी की टीम गठित की। इस टीम के सदस्यों ने 22 मार्च 2022 को गांव भंवरासा, पुरा, लावासल, टांडी सोनपुरा में जाकर किसानों के खेत का निरीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि इन किसानों के खेत पर धनिया बीज किस्म आरसीआर 728 की बुवाई के बाद फसल के लगभग 110 से 120 दिन की अवस्था होने पर भी वानस्पतिक वृद्धि लगातार जारी है एवं इनमें से 5 से 10 प्रतिशत पौधों में फूल बनना प्रारंभ हुए हैं। अत्यधिक तापमान के कारण फूलों से फल बनने की संभावना बहुत कम है। पौधों की वृद्धि सीधी बढ़ने वाली है एवं शाखाओं का अभाव है। लगभग 25 से 30 प्रतिशत पौधों की ऊंचाई काफी कम है एवं पुष्प क्रम नहीं बना है, जिन पर फूल बनने की संभावना नगण्य है। 70 से 75 प्रतिशत पौधों की ऊंचाई 120 से 140 सेंटीमीटर है। सभी किसानों के फसल में सामान्य शसय क्रियाएं समयानुसार प्रारंभ की गई है। धनिया की किस्म आरसीआर 728 में पौधे की लंबाई औसतन 75 से 80 सेंटीमीटर एवं पौधा झाड़ी नुमा व सीधा बढ़ने वाला होता है। फसल की पकाव अवधि 130 से 140 दिन की होती है।
संभावना नगण्य
समिति ने निरीक्षण रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि वर्तमान वातावरणीय परिस्थितियों के मद्देनजर स्पष्ट प्रतीत होता है कि किसानों को अपनी बोई हुई फसल से उपज प्राप्त होने की संभावना नगण्य है। किसानों में धनिया के उत्पादन से वंचित रहने की संभावना के चलते काफी रोष व्याप्त है।
. धनिया का बीज कंपनी पैकिंग से ही खराब निकला है। इसमें विभाग की कोई गलती नहीं है। किसानों के खेतों का सर्वे करवा कर रिपोर्ट राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड जयपुर को भेजी है। भूपेंद्र सिंह शेखावत, कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग, झालावाड़
Published on:
15 Apr 2022 05:20 pm
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