झालावाड़. मेडिकल कॉलेज झालावाड़ ने हाल ही में महत्वपूर्ण उपलबि्धयां हासिल की है। पहले ऑर्गन ट्रांसप्लांट, फिर अवेक सर्जरी और अब एंडोस्कोपी से 10 साल की बालिका की ब्रेन सर्जरी। यह झालावाड़ जिले में पहली बार हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के डॉक्टर्स की टीम चुनौती पूर्ण ऑपरेशन करने में भी पीछे नहीं हट रही।
न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रामसेवक योगी ने बताया कि 10 साल की बच्ची उमा की एंडोस्कोपी से ब्रेन सर्जरी की गई। बालिका उमा दिमाग से कमजोर थी। माता-पिता बेहद गरीब होने से बालिका का इलाज कराने में थे सक्षम नहीं थे।
साथ ही खास बात यह कि परिवार मध्यप्रदेश का होने से यहां सरकारी सुविधा नहीं मिल पा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनको यहां विशेष छूट दी गई और बालिका का मुफ्त ऑपरेशन किया गया।
डॉ. योगी ने बताया कि मरीज के परिजनों ने पहले अन्य डॉक्टरों से संपर्क किया और गुजरात से बालिका को लेकर झालावाड़ आए। इसके बाद झालावाड़ के डॉक्टरों की टीम ने इस चुनौती पूर्ण ऑपरेशन करने को लेकर गहन चर्चा की। बालिका की जांच करने पर पता चला कि सिर में बड़े दिमाग को छोटे दिमाग से जोड़ने वाली नसें बंद है। इसकी वजह से दिमाग का पानी बह रहा था। ऑपरेशन जटिल था। ऐसे में एंडोस्कॉपी से ऑपरेशन का निर्णय लिया और यह सफल रहा। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज एवं एसआरजी अस्पताल में यह पहली बार किया गया। ऑपरेशन करने वाली टीमें डॉ रामसेवक योगी न्यूरो सर्जन, डॉ आशीष, डॉ राजेंद्र, राकेश चौधरी, संदीप चौधरी, डॉ. राजन नंदा शामिल रहे।