
झालावाड़. संशोधित बजट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिले को सिंचाई क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। जिले में करीब 200 करोड़ रुपए सिंचाई के लिए खर्च होंगे। बजट घोषणा के अनुसार तीन स्थानों पर सिंचाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। जिसमें डग विधानसभा में छोटी कालीसिंध व चाचुर्णी नदी से चौमहला क्षेत्र में 55 लाख रुपए की सिंचाई सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। वहीं भालता अकलेरा को छापी माध्यम सिंचाई परियोजना से सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए डीपीआर बनाई जाएगी। ये काम करीब 82 लाख रुपए से होगा। सौलर युक्त फव्वारा पद्धति पर सरकार का जोर कल्याणपुरा में बनेगा मिनी डेम- जिले में सौलर युक्त फव्वारा पद्धति से सिंचाई के लिए बजट में दो स्थानों पर सिंचाई की घोषणा की गई है। जिसमें कल्याणपुरा (पिड़ावा) में 80 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से क्षेत्र के कल्याणपुरा गांव के नाले पर पक्का डेम बनाया जाएगा। जिससे कल्याणपुरा, आधाखेड़ी, शेरपुर गांवों के किसानों की करीब 750 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। डेम की भराव क्षमता के अनुसार ऊंचाई तय की जाएगी। क्षेत्र में इस परियोजना में फव्वारा सिंचाई के लिए पांच डिग्गियां बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 200 हैक्टेयर भूमि अवाप्त की जाएगी। इससे एक नहर निकालकर डिग्गियों के माध्यम से अंडर ग्राउंड पाइप लाइन बिछाकर फव्वारा पद्धति से सिंचाई होगी। पूरा प्रोजेक्ट करीब ढ़ाई साल में बनकर तैयार हो जाएगा। गागरीन से निकाली जाएगी नहर- गागरीन मध्यम सिंचाई परियोजना से तीन ग्राम पंचायतों के करीब एक दर्जन गांवों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एक छोटी केनाल निकाली जाएगी। इसके लिए बजट में 94 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र की 5 हजार 65 हैक्टेयर भूमि पव्वारा पद्धति से सिंचित होगी। इसके लिए करीब 50 हैक्टेयर भूमि अवाप्त की जाएगी। केनाल की लंबाई करीब 15-16 किलोमीटर होगी।
इतनी डिग्गियां बनाई जाएगी-
गागरानी केनाल से निकाली जाने वाली छोटी केनाल से सिंचाई के लिए करीब 25 डिग्गियां बनाई जाएगी। 200 हैक्टेयर पर एक डिग्गी होगी। जिससे सौलर आधारित फव्वारा पद्धति से सिंचाई होगी। पूरी परियोजना से हेमड़ा, मगीसपुर, औसाव के लगभग 5065 हैक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के हजारों किसानों को फायदा होगा।
धारगंगा नदी पर बनेगा मिनी टेंक-
मनोहरथाना क्षेत्र में धारगंगा नदी पर ग्राम सरड़ा में करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से एमएसटी का निर्माण करवाया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिलेगा।वहीं मनोहरथाना विधानसभा में ही भालता अकलेरा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 82 लाख रुपए की डिपीआर तैयार करवाई जाएगी। इस परियोजना के बनने के बाद क्षेत्र के हजारों किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
11 सौ करोड़ में बनेगा लघु मध्यम सिंचाई परियोजना
चौमहला. क्षेत्र में बहने वाली छोटी कालीसिंध नदी पर आक्या परमार गांव के समीप लघु-मध्यम सिंचाई परियोजना में करीब 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बड़े बांध का करवाया जाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में रिबजट भाषण के दौरान इसकी घोषणा की है। साथ ही इसके 55 लाख रूपए की डीपीआर भी स्वीकृत की गई। इस बांध से करीब 40 हजार बीघा कृषि भूमि सिंचित होगी। विधायक कालूराम मेघवाल लगातार पांच साल से इस नदी पर बांध बनाने के लिए प्रयासरत थे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र के लोगो से वादा किया था कि यदि भाजपा की सरकार बनी तो छोटी कालीसिंध नदी पर बड़ा बांध बनाया जाएगा। बांध निर्माण की घोषणा के बाद क्षेत्र के किसानों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है।
कई बार उठाया मुद्दा-
विधायक कालूराम ने कांग्रेस सरकार के दौरान भी कई बार बांध का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। भाजपा सरकार बनने के बाद वो लगातार इसके निर्माण का मुद्दा उठाते रहे है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों व मंत्री से मुलाकात कर बांध की मांग कर रहे थे। विधायक ने कुछ माह पूर्व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ छोटी कालीसिंध नदी में बांध निर्माण स्थल के लिए दौरा कर सर्वे भी किया था। क्षेत्र का बढ़ेगा जलस्तर- बांध के निर्माण के बाद इसकी जद में आने वाले गांवों के किसानों के जीवन स्तर में सुधार होगा और क्षेत्र में जल स्तर भी बढेगा। व्यर्थ बहकर जाने वाले बारिश के पानी का भरपूर उपयोग हो सकेगा। साथ ही पेयजल व्यवस्था में भी सुधार होगा।
लंबे समय से प्रयासरत थे
क्षेत्र में बहने वाली छोटी कालीसिंध नदी पर एक बड़े बांध के निर्माण के लिए हम लंबे समय से प्रयासरत थे। जिसकी अब राज्य सरकार कि ओर से मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा हो चुकी है। छोटी कालीसिंध नदी पर आक्या परमार गांव के पास 1100 करोड़ रुपए की लागत से बांध बनाया जाएगा। इसके लिए हम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,सांसद दुष्यंत सिंह व सिंचाई मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
कालूराम मेघवाल, विधायक डग
ढ़ाई साल में पूरा होगा काम-
बजट घोषणा के अनुसार कल्याणपुरा में मिनी डेम व गागरीन मध्यम सिंचाई परियोजना से छोटी केनाल निकाली जाएगी। इससे एक दर्जन गांवों के किसानों की जमीन सौलर युक्त फव्वारा पद्धति से सिंचाई होगी। अभी इनका डिटेल सर्वे होगा। काम ढ़ाई साल में पूरा करना है।
वीरेन्द्रसिंह, अधिशाषी अभियंता, चंवली नजर परियोजना, खंड झालावाड़।
छापी से 4500 हैक्टेयरभूमि होगी सिंचित
भालता.छापी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए बजट घोषणा में सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई के लिए 82 लाख रुपए की डीपीआर जारी की है। छापी मध्यम सिंचाई परियोजना के मौजूदा 9375 हैक्टेयर के अलावा ग्राम पंचायत भालता, अमेठा में करीब 4500 हैक्टेयर भूमि अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। इसके लिए सर्वे किया जाएगा।इस परियोजना से भालता, अमेठा में पाइप लाइन नेटवर्क के अनुसार पाइप लाइनों के एल-सेक्शन की तैयारी के साथ-साथ डिजाइनव वल्व चैंबर की ड्राइंग तैयार होगी। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से डिग्गी की योजना और डिजाइन तैयार करने के लिए 82 लाख का बजट मिला है। वहीं सरडा में माइक्रो स्टोरेज टैंक निर्माण के लिए 35 करोड़ की घोषणा की गई है।
सर्वे होगा-
भालता क्षेत्र में छापी नदी पर बने बांध को लम्बे समय बाद बजट प्राप्त हुआ है। भालता व आमेठाक्षेत्र में करीब 4500 हैक्टेयर भूमि में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए सर्वे कर डीपीआर तैयार की जाएगी।
युगल माहेश्वरी सहायक अभियंता छापी परियोजना।
जिले में ये भी हुइ घोषणाएं-
- डग एमडीआर सड़क चौडीकरण के लिए 7 करोड़ का बजट
- अकलेरा में अनुसूचित जाति का छात्रावास बनाया जाएगा।
- खानपुर में सीबीईओ कार्यालय खोलने की भी घोषणा की गई है।
- 29 करोड़69 लाख की लागत से घाटोली से केलखोयरा सड़क के मध्य धारगंगा नदी पर उच्च स्तरीय पुल बनायाजाएगा।
- 5 करोड़ की लागत से मनोहरथाना के कचनारी गोवर्धनपुरा से गोपालपुरा तक 4.50 किमी सड़क बनाई जाएगी।
Published on:
31 Jul 2024 09:03 am
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