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झालावाड़

बीएससी नर्सिंग कॉलेज का बजट स्वीकृत, फिर अडंगा क्यों?

  डबल इंजन की नई सरकार से बंधी उम्मीद...

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जिले में भी नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इसके लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया है। जब तक भवन नहीं बने वहां तक इसका संचालन राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय झालरापाटन में करना था। लेकिन इसे अभी होल्ड पर रखा गया है। इसके पीछे तर्क दिया गया है, कि जिले में पीपीपी मोड पर एक कॉलेज पूर्व में चल रहा है। जबकि राजस्थान में कई जिले है जहां तीन-तीन कॉलेज चल रहे हैं।ऐसे में ये तर्क झालावाड़ में ही क्यों लगाया गया है। सूत्रों ने बताया कि ये तो अटकाने वाली बात है ये कोई तर्क नहीं है, प्रदेश में कई जिलों में तीन-तीन कॉलेज संचालित हो रहे हैं। जहां पूर्व में कॉलेज चल रहे थे वहां बजट में घोषणा होने के बाद नया कॉलेज खोला गया है। पीपीपी मोड के कॉलेजों में तो डोनेशन के बाद प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में गरीब तबके के विद्यार्थी जो बीएससी नर्सिंग करना चाहते हैं, उन्हे खासी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि राजस्थान सरकार ने कॉलेज के लिए 21.03 करोड़ का बजट जारी भी कर दिया था। पेंडिंग में डाल रखा है- राजस्थान मेडिकल एज्युकेशन सोसायटी जयपुर (राजमेस) ने झालावाड़ नर्सिंग कॉलेज को पेंडिंग में डाल दिया। जबकि अन्य जिलों में बजट घोषणा वाले कॉलेजों में गत सत्र से प्रवेश दे दिया गया, लेकिन झालावाड़ में ऐसा नहीं होने से 60 विद्यार्थियों को दो सत्र से प्रवेश से वंचित होना पड़ रहा है, यानी अभी तक 120 विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हो चुके हैं। जबकि सरकार ने बजट भी स्वीकृत कर दिया और ट््यूटर भी लगा दिए थे,लेकिन उच्चाधिकारियों ने झालावाड़ की तरफ ध्यान नहीं देने से मामला खटाई में चला गया।

इतना बजट स्वीकृत किया-

राजस्थान सरकार ने नर्सिंग कॉलेज के लिए 21.03 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। इस बजट से नर्सिंग कॉलेज मय छात्रावास के बनाया जाएगा। इसके लिए आरएसआरडीसी को भवन निर्माण के लिए बजट जारी कर दिया है। छात्रावास करीब 90विद्यार्थियों की क्षमता का बनाया जाना है।

यहां चलना था कॉलेज-

नर्सिंग कॉलेज के भवन बनने तक नर्सिंग कॉलेज राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय झालरापाटन में संचालित किया जाना था। यहां भवन व 100 बेड चिकित्सालय सहित अन्य सभी सुविधाएं होने से सत्र 2022-23 से कॉलेज यहां संचालित किया जाना था।

कॉलेज के लिए ये पद हुए स्वीकृत किए थे

पद नाम संख्या स्वीकृत प्रिंसीपल 1 वाइस प्रिंसीपल 1 प्रोफेसर 1 एसोसिएट प्रोफेसर 1 असिस्टेंट प्रोफेसर 1 ट््यूटर 8 एक्जिक्यूटि असिस्टेंट 7 असिस्टेंट लाइब्रेरियन 1 एमटीएस 10 सिक्यूरिटी गार्ड 10 कुल पद 40 ट्यूटर लगाए थे, लेकिन नहीं किया ज्वाइन- राजकीय नर्सिंग कॉलेज झालावाड़ में नर्सिंग ट्यूटर लगा दिए थे, लेकिन उन्हे कहां किसके सामने ज्वाइन करना था। ये नहीं बताया ऐसे में किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया। कॉलेज के लिए महावीर प्रसाद गोस्वामी, रघुनन्दन नागर, कपिल व्यास, वीरेन्द्रकुमार यादव, ललित कुमार गुर्जर, ओमप्रकाश मीणा, प्रेमशंकर मीणा आदि को ट्यूटर लगाया था। कोई कार्यालय नहीं खुलने से आदेश कागजों में दौड़ रहा है। ऐसे में अब झालावाड़ के जनप्रतिनिधियों को नर्सिंग कॉलेज के लिए पैरवी करनी चाहिए ताकि समय से जिला मुख्यालय पर कॉलेज खुले तो गरीब बच्चों को निजी नर्सिंग कॉलेज में जाने से मुक्ति मिले।

चिन्हीकरण कर लिया-

तत्कालीन जिला कलक्टर डॉ.भारती दीक्षित के मार्गदर्शन में नगर परिषद से जमीन का चिन्हीकरण करवा लिया था। जब तक भवन नहीं बनता वहां तक कॉलेज सैटलाइट अस्पताल झालरापाटन में चलना था।जबकि अन्य जिलों में तीन-तीन कॉलेज चल रहे हैं, सूत्रों ने बताया कि झालावाड़ में भी सैटेलाइट अस्पताल व भवानीमंडी उपस्वास्थ्य केन्द्र दोनों 100-100 बेड के अस्पताल है, ऐसे में यहां भी नर्सिंग कॉलेज खोला जा सकता है। ऐसे में विद्यार्थियों की मांग है कि तिजारा अलवर, केकड़ी अजमेर की तर्ज पर झालरापाटन झालावाड़ में भी नर्सिंग कॉलेज खोलना चाहिए।

छात्र बोले इसी सत्र से शुरु हो कॉलेज.

1.सरकार ने बजट में नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, बजट जारी हो गया है, लेकिन अभी तक कॉलेज बनेगा या नहीं यह स्पष्ट नहीं होने से प्रवेश नहीं हो पाए रहे हैं। समय से प्रवेश हो तो हमें भी प्रवेश ले। बंकट तंवर, छात्र झालावाड़। 2.राजस्थान में बजट घोषणा वाले सभी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश हो चुके हैं, लेकिन झालावाड़ में अभी तक कॉलेज का काम अटका रखा है। सरकारी नर्सिंग कॉलेज खुलना चाहिए ताकि ताकि गरीब बच्चों का आर्थिक नुकसान नहीं हो।

अक्षित शर्मा,नर्सिंग छात्रा।

कहां क्या ईश्यू है पताकरेंगे-

नर्सिंग कॉलेज के लिए बजट जारी हो गया था, तो अब इस मामले को दिखवाते हैं,कहां क्या ईश्यू आ रहा है। ऊपर बात करेंगे।

अजयसिंह राठौड़, जिला कलक्टर,झालावाड़।