24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झालावाड़

लापरवाही से मिट्टी हो गई 17 करोड़ 26 लाख की नहरें

रोशनबाड़ी सिंचाई परियोजना : बरसात के पानी से दीवारों दरक गई, जगह से हो गई क्षतिग्रस्त

Google source verification

रोशनबाड़ी के समीप सिंचाई परियोजना के लिए 29 करोड़ रुपए में बांध बनाया। 10 करोड़ रुपए पुनर्वास पर खर्च किए और 80 करोड़ जमीन का मुआवजा दिया। साथ ही खेतों को सरसब्ज करने के लिए 17 करोड़ 26 लाख रुपए से नहरें बनाई लेकिन विडंबना देखिए इन नहरों में एक बार भी पानी नहीं चला और यह मिट्टी में दब गई या जगह-जगह से टूट गई। अब फिर से करोड़ों खर्च होंगे और उसके बाद भी खेतों तक कब पानी पहुंचेगा, यह किसी को नहीं पता। रोशनबाड़ी सिंचार्ई परियोजना की नहरें वैसे तो पक्की बनाई गई थी लेकिन नहरों के निर्माण में जमकर लीपापोती की गई। हाल यह है कि बरसात के पानी से ही नहरों की दीवारें दरक गई। पानी के साथ बह कर आई मिट्टी से नहरें जमींदोज हो गई। इससे नहर के लिए किए गए निर्माण कार्य में खामियां स्पष्ट दिखाई दे रही है। गुणवत्ता भी ठीक नहीं है जबकि नहरों पर 17 करोड़ 26 लाख रूपए खर्च हुए हैं। खेतों में सिंचित करने के लिए बनाई गई नहरें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

 

14 गांवों की 2860 हैक्टेयर भूमि को पानी का इंतजार

गौरतलब है कि तत्कालीन सरकार ने अगस्त 2017 में बजट की मंजूरी देकर दिसम्बर 2017 में कार्य शुरू करवा दिया था। नहरों से 14 गांवों की 2860 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे इस असिंचित क्षेत्र में हरित क्रांति का आगाज होगा। जानकारी के अनुसार इसके लिए तत्कालीन सरकार ने 17 करोड़ 26 लाख रूपए स्वीकृत किए थे। टैंडर प्रक्रिया करवाकर कोटा एक कन्सट्रक्शन कम्पनी ने 24 दिसम्बर 2017 को कार्य शुरू कर दिया था जो 21 फरवरी 2020 तक पूर्ण करना था लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिलने से नहर शुरू नहीं हो पाई थी। इसके बाद 10 नवम्बर 2022 से पुन: रोशनबाड़ी सिंचाई परियोजना का बांध का कार्य शुरू हुआ जो 31 दिसंबर 2022 को पूर्ण हो गया। इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने से बांध नहीं भर पाया। ऐसे में नहरों में पानी नहीं छोड़ा। वैसे भी अगर बांध भर भी जाता तब भी नहरों की हालत देख पानी नहीं छोड़ा जा सकता था। वही किसानों का कहना है कि नहर का घटिया निर्माण कार्य होने से अभी से यह हाल है तो आगे क्या होगा। विभाग को संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

 

परियोजना से ये गांव होंगे लाभान्वित

रोशनबाड़ी नहर परियोजना से क्षेत्र के चंदरपुरा, रोशनबाड़ी, पाऊखेड़ी, कल्याखेड़ी, आकोदिया, राजपुरा बुजुर्ग, सुनेल, चछलाई, घाटाखेड़ी,लालगांव, खामिणी, भटखेड़ा, कलोतिया, चछलाव गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

 

क्या बोले किसान…

घटिया निर्माण सामग्री से नहरें अभी से क्षतिग्रस्त हो गई है। वही इस वर्ष बारिश कम होने से किसानों को सिंचाई के लिए समस्या बनी हुई है। अगर नहरें चालू होती तो किसानों को सिंचाई के लिए बहुत राहत मिलती। नहरें की शीघ्र ही मरम्मत करवाकर चालू किया जाए ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।

पन्नालाल नागर, किसान पाऊखेड़ी

 

नहरें अभी तक तो चालू भी नहीं हुई है, इससे पहले ही जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। विभाग द्वारा सही तरीके से मॉनीटरिंग नहीं होने से नहर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे किसानों में खासा रोष है।

गणेश नागर, किसान खामणी

 

सरपंच बोले, कार्रवाई हो

रोशनबाड़ी बांध से निकलने वाली नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसान चितिंत है। नहरें चालू नहीं होने से किसानों सिंचाई के लिए पानी की इधर-उधर से व्यवस्था करनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

सीमाकुमारी जयपुरी, सरपंच,ग्राम पंचायत सुनेल

 

इस संंबंध में विधानसभा चुनाव होने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा संबंधित विभाग को लिखित में भेजकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।

इन्द्रसिंह सिगोदिया, सरपंच, ग्राम पंचायत सलोतिया

 

बांध में पानी कम

इस वर्ष बांध में पानी की आवक नहीं होने से नहर भी चालू नहीं हो सकी है। अभी में इसको देखकर संबंधित ठेकेदार को इसकी मरम्मत करने के निर्देश देता हूं।

मनोज कुमार गोयल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग झालावाड़