
पंचायत समिति परिसर से दो किमी क्षेत्र में मिलनी थी वाईफाई की
सुनेल. पंचायत समिति परिसर में लगा प्रदेश का पहला ई-ज्ञान केन्द्र डेढ़ साल से बंद है। इससे विद्यार्थीयों और ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। केन्द्र का पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धराराजे ने 21 जुलाई 2016 को उद्घाटन किया था। शुरूआत के समय केन्द्र परिसर से दो किमी क्षेत्र में वाईफाई की सुविधा मिली। इससे बच्चों को घरों पर ई-अध्ययन में फायदा हुआ, लेकिन ई-ज्ञान केन्द्र बंद है।
-सम्मानित हुए थे तत्कालीन कलक्टर
तत्कालीन कलक्टर डॉ.जितन्द्र कुमार सोनी 21 जुलाई 2016 को ई-ज्ञान केन्द्र नवाचार के लिए नई दिल्ली के लिए मैरेडियन होटल में 12 अगस्त 2017 को 10 वें विश्व सम्मेलन में सम्मनित किया। नामी शिक्षाविद और शिक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में श्रीलंका के शिक्षा राज्यमंत्री वीएस राधाकृष्णन ने यह अवॉर्ड सोनी को प्रदान किया। डॉ.सोनी को ट्रॉफी भारत सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलास्ते तथा शिक्षा विकास, ज्ञान एवं मानव संसाधन विकास प्राधीकरण, दुबई की कार्यकारी निदेशक कलथूम अल बलूनी ने प्रदान की।
-यहां भी केन्द्र स्थापित हुए
ई-ज्ञान केन्द्र से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में भी 140 पंचायतों में ई-मितान के नाम से इस प्रकार के केन्द्र स्थापित किए। वहीं झालावाड़ के अकलेरा में भी ई-ज्ञान केन्द्र की स्थापना की।
-ये मिलता लाभ
ई-ज्ञान केन्द्र से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, सरकारी विभागों के विभिन्न प्रपत्रों एवं आवेदन पत्रों की उपलब्धता एवं डाउनलोड करने की सुविधा, विकिपीडिया, अकेडमी, एनआरओईआर वीडियो, कम्प्यूटर में प्रयोगशाला, ओपेन मैप्स आदि डिजिटल अध्ययन सामग्री को देखने एवं डाउनलोड करने की सुविधा, एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 12 तक की विभिन्न विषयों की हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम की ई-पुस्तकों के अध्ययन, अधिगमन एवं डाउनलोड की सुविधा, विश्व साहित्य की 45 हजार से अधिक ई-पुस्तकों के अध्ययन, अधिगमन एवं डाउनलोड करने की सुविधा, गणित, विज्ञान आदि जटिल विषयों को सरल एवं रूचिकर ढंग से समझने के लिए हिन्दी भाषा में निर्मित वीडियो को बिना इंटरनेट देखने व डाउनलोड की सुविधा, रोजगारोन्मुखी युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयाारियों के लिए अध्ययन सामग्री आदि सुविधाएं प्राप्त होती है। ई-ज्ञानकेन्द्र में ओम सर्वर टेक्नोलोजी की सहायता से ई-ज्ञानकोष बनाकर लोकल वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ा गया है इस नेटवर्क की रेंज में ग्रामवासी अपने वाईफाई सुविधायुक्त उपकरण मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, कम्प्यूटर आदि से ई-ज्ञानकोष पर उपलब्ध डिजिटल कटैंट को बिना इंटरनेट के देख सकते हंै एवं डाउनलोड कर सकते हंै। ई-ज्ञान केन्द्र में 5 टैबलेट लगाए हैं, जो खराब हैं।
-ई-ज्ञान केन्द्र के बारे में जानकारी नहीं है, इस बारे में जानकारी पता करता हूं।
ब्रजेश पारेस
विकास अधिकारी
पंचायत समिति सुनेल
बसें बंद होने से यात्री हो रहे परेशान
-एक दिन की जगह लग रहे दो दिन
डग. कस्बे से मध्यप्रदेश और राजस्थान के लंबे रूट पर जाने वाली राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की रोडवेज बसों का संचालन बन्द होने से कस्बे और क्षेत्र वासियों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों ने बताया कि निगम द्वारा पिछले एक महीने से अधिक समय से सुबह पौने 7 बजे डग से इंदौर मध्यप्रदेश जाने वाली रोडवेज बस को बंद कर दिया है। इससे इंदौर रेगुलर खरीदारी करने जाने वाले लोग, व्यापारियों, छोटे दुकानदारों व डग से इंदौर के बीच आने वाले गांवों कस्बों व शहरों तक जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब सीधे एक ही बस के द्वारा इंदौर जाने के लिए लोगों को दिन में 3 बजे जाने वाली रोडवेज बस का इंतजार करना पड़ रहा है या फिर बसों को बदल बदल कर जाने का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे एक दिन के सफर में दो दिन लग रहे है। वहीं निगम द्वारा कस्बे से सुबह 7 बजे झालावाड़ जाने वाली रोडवेज बस को भी बंद कर दिया है।
-8 में से 4 का संचालन
कस्बे से 84 गांव व मध्यप्रदेश की सीमा के जुड़े होने के बावजूद यहां कुल 4 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें सुबह साढ़े 6 बजे, पौने 8 बजे व दोपहर 2 बजे झालावाड़ जाया जा सकता है, वहीं दोपहर 3 बजे इंदौर के लिए एक बस का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल निगम द्वारा एक झालावाड़ व एक इंदौर जाने वाली बस को बंद कर रह है, वहीं पूर्व में भी निगम द्वारा डग से अजमेर व आलोट व्हाया डग-बारां को भी कई सालों पहले बन्द कर दिया है।
-इंदौर जाने वाली रोडवेज बस बंद होने से अब दो दिन का समय लग रहा है। बस चलने पर सुबह जाकर रात को घर लौटा जा सकता है।
सुमित धींग, स्थानीय निवासी
-फिलहाल शादी सीजन चल रहा है, ऐसे में स्थानीय लोगों को खरीदारी करने के लिए आए दिन इंदौर जाना आना पड़ रहा है, जो पहले एक दिन में हो जाता था लेकिन बस बन्द होने से परेशानी आ रही है।
ईश्वरदास बैरागी, स्थानीय निवासी
-निगम ने यदि बसों को घाटे में चलने का कारण बता कर बन्द किया है तो यह सही नहीं है, निगम की पहली प्राथमिकता लोगों को सुविधाएं देने का है और बन्द की हुई बसों को जल्द शुरू किया जाए।
अनवर खान, स्थानीय निवासी
--उधर समस्या को लेकर राजस्थान पथ परिवहन निगम जिला मुख्य प्रबंधक अतुल यादव से दूरभाष पर बात करना चाही, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हुआ।
Updated on:
30 Nov 2019 04:04 pm
Published on:
30 Nov 2019 03:43 pm
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