
कालीसिंध थर्मल से निकल रहा दूषित पानी, मुडंलिया खेडी तालाब को कर रहा प्रदूषित
एक्सपोज
हरिसिंह गुर्जर
झालावाड़.जिले में लोगों के घरों को रोशन करने वाला कालीसिंध थर्मल इन दिनों लोगों को बीमारियां बांट रहा है। थर्मल से निकलने वाला दूषित पानी निमोदा गांव के पास से होता हुआ सीधे मुंडलियाखेडी तालाब में मिल रहा है। यही पानी रमता हुआ जमीन में जा रहा है। ऐसे में थर्मल के दूषित पानी की वजह से निमोदा, करमियांखेडी गांव में पानी पीने योग्य नहीं रहा। पानी को दूध में डालते ही दूध फट रहा है। सोचे इस पानी को जब लंबे समय तक इंसान व जानवर पीने के काम में लेंगे तो इसके दूरगामी परिणाम खतरनाक होंगे। इसी पानी में कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करेंगे। ऐसे में समय रहते पानी को मुंडलियाखेडी तालाब में जाने से नहीं रोका गया तो लोग चर्म रोग के शिकार हो सकते हैं।
पानी नहीं माने बर्फ की चाद्दर हो-
थर्मल से इन दिनों निकल रहा पानी इस तरह नजर आ रहा है, मानों पानी नहीं कहीं शीत प्रदेश में बर्फ की चाद्दर जमी हो। ऐसे में ये ही पानी जमीन में रमने से आसपास का पानी पीने योग्य नहीं रहा है।ग्रामीण ने बताया कि इसे दूध के काम में लेते है तो दूध फट जाता है। लोग मजबूरी में पी रहे हैं। आसपास पानी का कोई स्त्रोत नहीं है। स्थानीय कुएं का पानी ही काम में ले रहे हैं। ऐसे में भविष्य में इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।
स्कूल में उड़ रही राख-
निमोदा गांव में पास में ही 12वीं तक स्कूल है। लेकिन सायलो साइड स्कूल की तरफ होने से दिनभर स्कूल में थर्मल की डस्ट उड़कर आती रहती है, ऐसे में बच्चे व शिक्षक भी खासे परेशान होते हैं।
सीएसआर में नहीं हुए काम-
निमोदा, करमियांखेडी के ग्रामीणों ने बताया कि थर्मल में हमारी करोड़ों रुपए की जमीन गई है। लेकिन गांवों में अभी ड्रेनेज सिस्टम नहीं है, रोड नहीं है। जिले को थर्मल भले ही रोशन कर रहा है, लेकिन हमारे गांव में तो रोड लाइट नहीं है।अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में थर्मल प्रशासन को ग्रामीणों की स्थानीय परेशानी को सीएसआर योजनाके माध्यम से दूर करना चाहिए।
जलजीवन मिशन में बनी टंकी-
ग्रामीण धनराज, रामेश्वर, बबलू, आदि ने बताया कि जिला प्रशासन को पानी की परेशानी दूर करने के लिए कालीङ्क्षसधबांध से आ रही लाइन से विशेष लाइन डालकर जलजीवन मिशन में दोनों गांवों के लिए अलग से टंकी बनवाना चाहिए ताकि दूषित पानी पीने से निजात मिल सके। लंबे समय तक ये ही पानी पीते रहे तो भविष्य में चर्म रोग सहित कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाएगा। थर्मल प्रशासन को दूषित पानी को मुंडलियाखेडी तालाब में जाने से रोकर इसका वाटर ट्रीटमेंट कर पुन: सिंचाई योग्य बनाना चाहिए। ताकि जमीन भी बंजर होने से बच सके। अभी हमारी जमीन की उत्पादन क्षमता काफी कम हो गई है। युवाओं के पास रोजगार का कोई जरिया नहीं है।
प्रशासन समझे: हमारी पीड़ा
गंदे पानी को रोके
1.प्रशासन गंदे पानी को तालाब में जाने से रोक। मुंडलियाखेडी तालाब में मिलते हुए ये यही पानी चन्द्रभागा नहीं में जा रहा है।जिसमें बड़ी संख्या में लोग स्नान करते हैं।
दिनेश कुमार, निमोदा।
सीएसआर में काम करवाएं प्रशासन
2.थर्मल प्रशासन गांव में सीएसआर योजना के तहत रोड, नालियां, लाइट, स्कूल का विकास करवा सकता है। स्कूल भवन पर्याप्त नहीं है। पीने के पानी की अलग से लाइन डालकर ग्रामीणों को सुविधा दी जा सकती है,
मोहनलाल नाथ, ग्रामीण।
थर्मल डस्ट से विद्यार्थी परेशान-
3.गांव में 12वीं तक स्कूल है दिनभर थर्मल की राख के ट्रेक्टर व अन्य साधन डस्ट भरते है, पास में स्कूल होने से डस्ट उड़कर स्कूल में आती है, इसे रोकने की व्यवस्था करनीचाहिए।
द्वारकीलाल निमोदा, ग्रामीण।
4.थर्मल नहीं बना जब दूध नहीं फटता था, अब दूध फट रहा है। सरकार को अलग से पेयजल की लाइन डालकर ग्रामीणों को राहत देनी चाहिए। दूध क लिए झालरापाटन स पानी लाते हैं। खेतों में जाने के रोड नहीं है। मोतीपुरा, खानपुरिया, उंडल आदि गांवों में थर्मल वालों ने जो काम करवाए वैसे काम हमारे गांवों में भी होने चाहिए।
रामेश्वर गुर्जर, निमोदा।
चीफ इंजीनियर केएल मीणा से सीधी बात-
सवाल: थर्मल से अभी कई दिनों से सफेद केमिकल युक्त पानी तालाब में मिल रहा है।
जवाब: ये केमिकल युक्त पानी नहीं है। एश की सफाई का पानी निकल रहा है। इसलिए सफेद पानी नजर आ रहा।
सवाल:ग्रामीण ड्रेनेज सिस्टम, रोड लाइट नहीं पानी का पानी आदि की सुविधा सीएसआर में नहीं देने का आरोप लगा रह हैं।
जवाब: ये तो देखकर ही बता सकते हंै किस गांव में कितना काम हुआ। प्रपोजल सभी गांवों के लिए समान जाता है। फिर भी दिखवा लेंगे।
सवाल: ग्रामीण दूध फटने व दूषित पानी से बीमारियां होने का खतरा बता रहे हैं
जवाब: ऐसा नहीं है, थर्मल से कोई केमीकल युक्तपानी नहीं निकल रहा। धुलाई की वजह से सफेद पानी आ रहा है। ये स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक नहीं है।फिर भी दिखावा लेंगे।
Published on:
01 Nov 2022 04:31 pm
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