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शराब दुकानों से भंग हुआ ठेकेदारों का मोह, मदिरा के 32 ठेकों का आवंटन अटका

  - जिले में कुल 160 दुकानें है

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Contractors' fascination with liquor shops, allocation of 32 liquor contracts stuck

शराब दुकानों से भंग हुआ ठेकेदारों का मोह, मदिरा के 32 ठेकों का आवंटन अटका

झालावाड़.जिले में जिन शराब की दुकानों के आवंटन के लिए ठेकेदार कभी लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर लॉटरी में शामिल होते थे, उन मयखानों से अब शराब कोरोबारियों का मोहभंग सा हो गया है।दो साल पहले आई नई आबकारी नीति शराब के ठेकेदारों को रास नहीं आ रही है। यही कारण है कि दो- तीन बार ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया होने के बावजूद जिले की 32 शराब की दुकानों के लिए खरीददार नहीं मिल रहे हैं। जबकि नया वित्तीय वर्ष शुरु हुए एक पखवाड़ा निकल चुका है। ऐसे में सरकार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा रहा है।
गौरतलब है कि झालावाड़ जिले में कुल शराब की 123 दुकानों का संचालन हो रहा है। आबकारी विभाग ने इन दुकानों के नवीनीकरण के लिए फरवरी और मार्च में विभाग ने पहले ही काफी राहत दी थी। जिसमें 5 से लेकर 40 फीसदी तक राहत दी गई थी,लेकिन अब सरकार किसी भी सूरत में शराब ठेकेदारों को राहत देने के मूड में नहीं है। चाहे नीलामी से शेष रही दुकानों को स्वयं सरकार को चलाना पड़े। वहीं ठेकेदारों का कहना है कि गत वर्षों में अधिक दरों पर दुकानों की नीलामी हुई थी। जिससे कई दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद आबकारी विभाग ने दुकानों की रेट बढ़ा दी थी।

फैक्ट फाइल-
- जिले में कुल शराब दुकानें-160
- जिले में अभी तक 123 दुकानों का ही बंदोबस्त हो पाया है।
-बंदोबस्त से शेष रही दुकानें 32 है
- जिले में 293 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके है,जो गतवर्ष से 10 करोड़ रुपए अधिक है।
- जिले में 5 दुकानों का संचालन आरएसबीसीएल द्वारा किया जा रहा है।

यह भी कारण-
विभाग के अनुसार जिले में शेष रही 32 दुकानों के लिए 21 अप्रेल को ई-नीलामी होगी। आबकारी नीति के तहत दुकानों का नवीनीकरण के लिए 20 फरवरी निर्धारित की गई थी। गत वर्ष जो दुकानें निर्धारित समय में रिन्यूवल हुई थी। उन्हे अब 15 फीसदी फीस बढ़ाकर जमा करवानी पड़ी। कई दुकानें घाटे में होने से भी ठेकेदारों का रूझान घट रहा है।

महंगी दुकानों में नहीं दिखाई किसी ने रूचि-
जिले में पांच दुकानें ऐसी है जिनका संचालन राजस्थान स्टेट बेवरिज कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। जिनमें झालावाड़ रोड खानपुर की रेट एक करोड़ 60 लाख, दहीखेड़ा की एक करोड़ 37 लाख, पिपलोद की 1 करोड़ 46 लाख, चौमहला आडा बाजार की 1 करोड़ 62 लाख, पिपलिया की 2 करोड़ 96 हजार रुपए है। सरकार ने इन दुकानों की रेट कम नहीं की तो इनमें किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई है। अब ठेकेदारों की मोनोपोली तोडऩे के लिए इनका संचालन सरकार स्वयं कर रही है।

21 को हीगी नीलामी-
जिले में 32 दुकानों की अभी ई-नीलामी होनी है, जिनकी रेट करीब 40 करोड़ रुपए है। 32 दुकानों में 7 दुकाने अकलेरा ग्रामीण की, भवानीमंडी सर्कल में 11, चौमहला में 5, झालावाड़ में 9 की नीलामी होनी है। इनके लिए 19 अप्रेल तक आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में सरकार शराब दुकानों के बंदोबस्त को सख्त नजर आ रही है। प्रदेश में करीब 10 अधिकारियों के खिलाफ एपीओ व निलंबन तक की कार्रवाई कर चुकी है। वहीं झालावाड़ आबकारी विभाग ने तीन दिन में करीब 25 मामले दर्ज किए है, जिनमें 613 लीटर शराब जब्त कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई चल रही है।

32 दुकानों का आबकारी बंदोबस्त होना है-

जिले में 32 दुकानें आबकारी बंदोबस्त से शेष रही है, उनकी नीलामी 21 अप्रेल को होगी। शराब दुकानों की राशि अब किसी भी सूरत में कम नहीं होगी। इसके बाद भी बंदोबस्त से दुकाने शेष रहती है तो उनका निर्णय उच्च स्तर से होगा।
रियाजुद्दीन उस्मानी, जिला आबकारी अधिकारी, झालावाड़।