परवन बांध मे डिफॉल्ट जोन, 700 करोड़ दांव पर

  • जीएसआई सर्वे में तीन ब्लॉक में डिफॉल्ट जोन घोषित
    70 से 80 मीटर के क्षेत्र में डिफॉल्ट जोन के क्रेक में कंक्रीटिंग से हो सकता खतरा

By: jagdish paraliya

Published: 16 Dec 2020, 12:03 AM IST

दो साल से बांध निर्माण का काम बंद, नहरों के लिए पाइप खरीद जोरों पर

जगदीश परालिया. झालावाड़. झालावाड़ में परवन नदी पर बनने वाले परवन बांध के निर्माण पर जल संसाधन विभाग के अफसरों और इंजीनियरों की लापरवाही से सरकार के 700 करोड़ दांव पर लग गए है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे में बांध में तीन डिफॉल्ट जोन घोषित किए। इन तीन जोन में 70 से 80 मीटर क्षेत्र के 15 से 50 सेंटीमीटर तक के क्रेक बताए गए है। बांध में डिफॉल्ट जोन आने के बाद निर्माण कार्य दो साल से बंद है। चौंकाने वाली बात यह है कि क्रेक के ट्रीटमेंट से पहले ही डिफॉल्ट जोन में कंक्रीटिंग कर दी है। विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि इस स्थिति में अगर बांध बनता है तो जानमाल का नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर बांध के निर्माण से पहले ही दो लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए बनने वाली नहरों के लिए पाइपों की खरीद की जा रही है।

बांध में 17 ब्लॉक, 3 ब्लॉक में मिला क्रेक

जीएसआई की टीम ने मार्च 2019 में बांध का सर्वे किया। बांध में 17 ब्लॉक में से 3 ब्लॉक में डिफॉल्ट जोन बताए गए। इन ब्लॉक में 15 से 50 सेंट्रीमीटर तक के क्रेक बताए जा रहे है।

भविष्य में टूट सकता है बांध
जीएसआई ने जल संसाधन विभाग को क्रेक का ट्रीटमेंट करने की सलाह दी। इंजीनियरों ने आईआईटी रूडकी से क्रेक के ट्रीटमेंट के लिए सलाह मांगी। सलाह आती उससे पहले इंजीनियरों ने डिफॉल्ट जोन के तीन ब्लॉक में कंक्रीटिंग कर दी। विभाग के इंजीनियर कह रहे है कि इस स्थिति में निर्माण कार्य शुरू होने पर बांध टूटने का खतरा हो सकता है।

क्रेक का ट्रीटमेंट नहीं, 300 करोड़ से ज्यादा खर्च

क्रेक के ट्रीटमेंट को लेकर आईआईटी रूडकी की रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन बांध निर्माण में 300 करोड़ रुपए तक खर्च किए जा चुके है। जानकारों के अनुसार आईआईटी रूडकी दो माह बाद अपनी रिपोर्ट देगी।

परवन बांध मे डिफॉल्ट जोन, 700 करोड़ दांव पर

900 करोड़ के पाइपों की खरीद
बांध बनने पर दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। निर्माण कार्य दो साल से बंद है, लेकिन नहरों के लिए पाइप की खरीद जोरों पर है। दो टेंडर में करीब 900 करोड़ के पाइपों की खरीद की जा रही है।

फैक्ट फाइल

- परवन प्रोजेक्ट : 7600 करोड
- सिंचाई : 313 गांवों का 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र

- पेयजल: बांरा और झालावाड़ के 820 गांव
- 1 लाख 31 हजार हेक्टेयर में नहरों के लिए 2200 करोड

- 70 हजार हेक्टेयर में नहरों के लिए 650 करोड़
- 300 करोड़ रुपए लगभग बांध निर्माण पर खर्च

- 2022 में पूरा होगा बांध का निर्माण


इनका कहना है...

हां यह सही है कि बांध में डिफॉल्ट जोन आए है और 15 से 50 सेमी के क्रेक है, लेकिन कोई चिंता की बात नहीं है। क्योंकि इस तरह के क्रेक सामने आते है और इनका ट्रीटमेंट किया जाता है। क्रेक ट्रीटमेंट के लिए आईआईटी रूडकी से सलाह मांगी है।
राजीव चौधरी

मुख्य अभियंता, कोटा जोन जल संसाधन विभाग

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