झालरापाटन. काली सिंध सुपर थर्मल पावर परियोजना सीएसआर क्षेत्र के गांव देवरी के लोगों ने मूलभूत सुविधाएं दिलवाने की मांग को लेकर सोमवार को थर्मल गेट पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थर्मल के मुख्य अभियंता केएल मीणा को मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
देवरी निवासी युवराज सिंह झाला, नागेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, देव सिंह, हरि सिंह, छीतरलाल की अगुवाई में गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सुबह 10 बजे थर्मल के गेट पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन ने थर्मल की स्थापना करने को लेकर उनकी जमीन कौड़ियों के दाम पर अधिग्रहित की थी और आश्वासन दिया था कि प्रभावित गांव के लोगों को थर्मल में रोजगार देने के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
10 दिन में एक बार जलापूर्ति
थर्मल की स्थापना हुए एक दशक का समय हो गया, लेकिन सीएसआर क्षेत्र में आने वाले देवरी में थर्मल प्रशासन ने आज तक पेयजल, शिक्षा, रोजगार सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई है। गांव में रेवा परियोजना की लाइन से 8 से 10 दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है। जिससे ग्रामीणों को 2 किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
भारी वाहनों से सड़क क्षतिग्रस्त
थर्मल गेट से गांव तक की साढ़े तीन किमी सड़क थर्मल से राख भरकर ले जाने वाले भारी वाहनों के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इसलिए पूर्व में स्वीकृत सीसी रोड का तुरंत निर्माण कराया जाए। गांव स्थित स्कूल में भवन का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही गांव से थर्मल में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों के लिए बस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ठेका बाहर के लोगों को दे रहे
स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर मजदूर रखने का ठेका बाहर के ठेकेदारों को दिया जा रहा है। इससे स्थायी युवा बेरोजगार हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी जमीने भी थर्मल निर्माण में चली गई। इससे उनके पास खेती का सहारा भी नहीं रहा। इसे देखते हुए थर्मल प्रशासन मजदूरी के दिए स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने में प्राथमिकता दिलाए।
मुख्य अभियंता से वार्ता
2 घंटे तक प्रदर्शन होने पर थर्मल के मुख्य अभियंता केएल मीणा प्रदर्शन स्थल पहुंचे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अभियंता के कक्ष में उनके साथ चर्चा की। इसमें मुख्य अभियंता ने गांव में पीने के पानी की समस्या का एक पखवाड़े में समाधान करने का आश्वासन दिया और शेष मांगों पर विचार विमर्श कर समाधान शीघ्र ही करने का आश्वासन दिया।
चेतावनी दी
प्रतिनिधि मंडल सदस्यों ने उन्हें बताया कि यदि एक पखवाड़े में उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो इसके विरोध में वह आंदोलन फिर शुरू करेंगे। मुख्य अभियंता के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।