साक्षरता के लाख जतन के बाद बावजूद अंगूठा छाप की संख्या नहीं हो रही कम, जिले में 6 हजार से अधिक लोग अनपढ़,साक्षरता के लाख जतन के बाद बावजूद अंगूठा छाप की संख्या नहीं हो रही कम, जिले में 6 हजार से अधिक लोग अनपढ़
हरि सिंह गुर्जर झालावाड़.साक्षरता अभियान भी कोरोना की भेंट चढ़ गया है। मार्च माह में होने वाली परीक्षा अब अगस्त माह में होगी। निरक्षरों को साक्षर करने के लिए सरकारों की ओर से कई अभियान चलाए गए, लेकिन हालात नहीं बदल रहे हैं। प्रदेश में आज भी लाखोए तो जिले में हजारों संख्या में निरक्षर है। उनको साक्षर करने के लिए अब एक बार फिर साक्षरता विभाग की ओर से पढऩा-लिखना अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत इस साल प्रदेश में 4.20 लाख लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य तय किया गया हैएवहीं झालावाड़ जिले में 6 हजार 500 लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें खास बात यह है कि स्कूलों में कक्षा9वीं और 11 के बच्चे अपने परिवार में निरीक्षर लोगों को साक्षर करेंगे। इसे परिवार साक्षरता का नाम दिया गया है।
महिला साक्षरता में पिछड़ा जिला- प्रदेश में बालिका शिक्षा पर अधिक जोर दिया है। उसे लेकर साइकिल व स्कूटी सहित कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। इसके बावजूद परिणाम उतना बेहतर नहीं आ रहा है। सारक्षतर के इस अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक के जिन 6500 लोगों का साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। उनमें 30 फीसदी पुरूष व 70 फीसदी महिलाएं शामिल है। जिले की महिला साक्षरता दर 46.13 फीसदी ही जबकि कई अन्य जिलों की 60 से अधिक है।
ये लोग करवाएंगे अध्ययन- पढऩा-लिखना अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक के निरक्षरों को साक्षर करने का जिम्मा महज विद्यार्थियों पर नहीं है।उनके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताए सेवानिवृत कर्मचारीए स्काउट गाइडए स्वयं सेवी संस्था के सदस्य भी 10.10 निरीक्षरों को कक्षा लेकर उनको पढऩा.लिखना सिखाएंगे। साक्षर करने वालों को प्रोत्साहन के रूप में प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभारी शिक्षकों को भी नियुक्त किया गया है। अभियान की मॉनिटरिंग के लिए जिलाए ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया जा चुका है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला कलक्टर व सचिव साक्षरता अधिकारी को बनाया गया है। 40 फीसदी से कम है महिला साक्षरता दर- जिले में 28 ग्राम पंचातयों में 40 फीसदी से भी कम साक्षरता दर है। ऐसे में यहां विभाग को अधिक प्रयास करने की जरूरत है। जिले के झालरापाटन ब्लॉक में 8ए मनोहरथाना ब्लॉक में 20 ग्राम पंचायतों में 40 फीसदी से भी कम महिला साक्षरता दर है। ऐसे में यहां आदर्श कक्षाएं संचालित की जाएगी। इसके तहत महिला वॉलिटीयर टीचर्स को 80 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे। जो कुल 140 घंटे अध्ययन करवाएगी।
इतने है निरक्षर है ब्लॉक. निरक्षर मनोहरथाना. 2100 डग. 2100 अकलेरा.1500 भवानीमंडी. 800
फैक्ट फाइल- .प्रदेश में कुल निरक्षर 4ण्20 लाख . जिले में कुल निरीक्षकर.6500 . झालावाड़ जिले में महिला साक्षरता दर . 46ण्13 . झालावाड़ जिले में पुरूषा साक्षरता दर.75ण्75 . जिले की कुल साक्षरता दर.61ण्50 प्रतिशत
पीईईओ को बनाया अधिकारी- इच वन टीच वन के तहत स्वयं सेवकों को निरक्षर लोगों को साक्षर करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सभी पीईईओ को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। इसमें कक्षा 9 व 11 वीं के विद्यार्थियों का भी सहयोग लिया जा रहा हैए कि परिवार या पड़ौस के निरीक्षर लोगों को साक्षर करने में मदद करें। गणपतसिंह सौनगरा, जिला समन्वयक पढऩा-लिखना अभियान, झालावाड़।