
मंदिर का प्रवेश द्वार बंद करने का धोबी समाज ने किया विरोध
झालरापाटन. रजकधोबी समाज ने मड़ी माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का रास्ता बंद करने का सावल मशीन के सामने लेटकर विरोध किया। इससे नगरपालिका के दस्ते को वापस लौटना पड़ा।
नगरपालिका प्रशासन ने भवानीमंडी मार्ग पर वसुंधरा कॉलोनी स्थित धोबी समाज के मड़ी माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के रास्ते पर आरयूआईडीपी को भवन निर्माण के लिए आवंटित की ५० गुना ७५ फीट भूमि का चिह्निकरण कराकर खुदाई का कार्य शुरू कराने के लिए शुक्रवार दोपहर ३:३० बजे कार्यवाहक स्वास्थ्य निरीक्षक दिलीप कलोसिया व राजेश गुर्जर के नेतृत्व में सावल मशीन व अन्य उपकरणों के साथ सफाई कर्मचारियों के दस्ते को भेजा।
दस्ते ने मौके पर लगे समाज के बोर्ड व अन्य सामान को हटाकर खुदाई का कार्य शुरू किया, इसकी जानकारी मिलने पर धोबी समाज के दर्जनों लोग मौके पर पहुंचे । इसके बावजूद कर्मचारी सावल मशीन से खुदाई करने लगे, इससे समाज के लोग उग्र हो गए और सावल मशीन के आगे लेटकर विरोध जताने लगे। दस्ताकर्मियों की सूचना पर नगरपालिका अधिशासी अधिकारी महावीर ङ्क्षसह सिसोदिया व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिशासी अधिकारी ने समाज के लोगों को बताया कि कच्ची बस्ती नियमन के तहत यह जमीन आरयूआईडीपी विभाग को भवन निर्माण के लिए आवंटित की जा चुकी है। इस पर विभाग अपना निर्माण कार्य शुरू कराएगा। इस पर समाज के लोग उनकी बात से सहमत नहीं हुए और इन्होंने जिलाध्यक्ष पूनमचंद, बालचंद, राकेश, नाथूलाल रजक की अगुवाई में जिला व नगरपालिका प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस पर अधिकारी, दस्ताकर्मी व पुलिस बल वापस लौट गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके समाज का कई दशक पुराना यह मंदिर यहां पर स्थापित है। मंदिर परिसर की जमीन पर समाज व आसपास के लोगों के सामाजिक व मांगलिक कार्य होते हैं। समाज दलित होने व अधिकांश लोगों के गरीब परिवार से होने से वह अपने मांगलिक कार्यो के लिए महंगे साधन नहीं कर पाता है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में जिला प्रशासन को समाज के लिए यह भूमि आवंटित करने के लिए भी आवेदन किया था। जिन्होंने यह आवेदन नगरपालिका में करने के निर्देश दिए थे। उस पर समाज ने नगरपालिका को भी यह आवेदन कर रखा है। इसके बावजूद समाज के साथ अन्याय किया जा रहा है।
अधिशाषी अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत
नगरपालिका अधिशासी अधिकारी ने रजक धोबी समाज के चार जनो के विरूद्ध अनाधिकृत कब्जा करने की पुलिस को शिकायत की। शहर थाना प्रभारी जगदीशप्रसाद ने बताया कि अधिशासी अधिकारी महावीर सिंह सिसोदिया ने दी शिकायत में बताया कि नगरपालिका ने कृषि मंडी के सामने आरयूआईडीपी को ५० गुना ७५ साइज की जमीन कार्यालय भवन बनाने के लिए दी है जिस पर झालरापाटन निवासी बाला धोबी, बालचंद धोबी, मोहनलाल धोबी व नाथूलाल धोबी अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण करना चाहते हैं। इस भूमि पर नींव की खुदाई करते समय इन लोगों ने सावल मशीन के सामने आकर राजकार्य को बाधित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नगरपालिका ने वर्ष १९८९ में खसरा नंबर ४१३ की जमीन पर गोमती सागर आवासीय योजना तैयार की थी। जिसे ४ फरवरी १९८९ को वरिष्ठ नगर नियोजक द्वारा अनुमोदित कर की थी। यह योजना स्टेट हाइवे भवानीमंडी मार्ग कृषि उपजमंडी के सामने स्थित है, जो सड़क मार्ग १०० फीट होने की वजह से सड़क मध्य से ५० फीट छोडकर प्रारंभ होती है। इसके उत्तर दक्षिण भाग में योजना की ५० गुना ७५ खुली भूमि है। इसके पीछे दक्षिण में १५ फीट आम रास्ता छोड़कर व्यवसायिक दुकानें व इसके पश्चात मंदिर बना है। सड़क के किनारे की खुली भूमि को पालिका ने १३ दिसंबर २०१८ को आरयूआईडीपी को सीवरेज कार्यालय भवन बनाने के लिए आंवटित की है।
महावीर ङ्क्षसह सिसोदिया, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका, झालरापाटन
Published on:
05 Jan 2019 11:31 am
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