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Crop Insurance Scheme..खेतों में गए नहीं, दफ्तर में बैठे अधिकारियों ने फसल खराबे के दावों को किया खारिज

बीमा कम्पनी और कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

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Crop Insurance Scheme..खेतों में गए नहीं, दफ्तर में बैठे अधिकारियों ने फसल खराबे के दावों को किया खारिज

Crop Insurance Scheme..खेतों में गए नहीं, दफ्तर में बैठे अधिकारियों ने फसल खराबे के दावों को किया खारिज

झालावाड़. जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से फसलें चौपट हो गई हैं। बाढ़ के कारण खेत के खेत बर्बाद हो गए।
अतिवृष्टि से खराबे का जायजा लेने आए केन्द्रीय दल ने भी जिले में खराबा माना था, लेकिन बीमा कम्पनी के अधिकारियों ने बिना फील्ड में गए ही किसानों के फसल खराबे के चार हजार से अधिक ऑनलाइन दावों को एक क्लिक में खारिज कर दिया। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। बीमा कम्पनी और कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में अतिवृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। किसानों ने फसल खराबे के संबंध में निर्धारित प्रपत्र भरकर ऑनलाइन जमा करवा दिया। हाल ही बीमा कम्पनी की ओर से किसानों को उनके खेतों में फसल खराब नहीं होने का मोबाइल पर संदेश भेजा गया। इससे किसानों के होश उड़ गए और अधिकारियों के चक्कर लगाने को विवश गए। किसानों की फसलों के खराब होने के बाद भी बीमा कम्पनी की ओर से दावे खारिज करने के मामले की पत्रिका टीम ने पड़ताल की। इसमें सामने आया कि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों ने किसानों के दावों को खारिज करने की गली निकाल ली। इस कारण उनके दावों को खेतों का सर्वे किए बगैर ही निरस्त कर दिया गया। जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित फसल खराबे का सर्वे लगभग 78 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। गिरदावरी कार्य को धीमी गति से करने के कारण पिछले दिनों जिला कलक्टर ने तहसीलदार पचपहाड़, गंगधार एवं डग को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
जिन किसानों के फसल खराबे के दावे को निरस्त किया है, पत्रिका टीम ने उसकी पड़ताल की तो सामने आया कि किसानों ने जिस तिथि यानी 7 अगस्त को अतिवृष्टि से फसल खराब होने की ऑनलाइन प्रपत्र में जानकारी दी थी। बीमा कम्पनी ने 7 अगस्त को उस क्षेत्र में बारिश नहीं होने की बात कहकर दावा खारिज कर दिया। दावे में कहा कि उस क्षेत्र में 6 अगस्त को रात 12 बजे से पहले बारिश हुई थी। बारिश की गलत जानकारी देने पर दावा निरस्त किया गया है। जिले के सारोला निवासी किसान बजरंगलाल माली, रामकल्याण नागर, दशरथसिंह आदि किसानों ने फसल खराबे का बीमा कम्पनी में दावा पत्र भरा था, लेकिन उनके खेत में बीमा कम्पनी का कोई प्रतिनिधि नहीं आया। खराबे का दावा खारिज करने का मैसेज भेज दिया गया है। झालावाड़ जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा के अनुसार बीमा कम्पनी द्वारा तकनीकी आधार पर किसानों की फसल खराबे के दावों को खारिज करने का मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद सभी निरस्त दावों को री-ओपन करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि किसानों को फसल खराबे का नियमानुसार मुआवजा मिल सके।