हरि सिंह गुर्जर
झालावाड़.कोटा में भले ही ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए राज्य सरकार ने नि:शुल्क जमीन देने की घोषणा कर कोटा में एयरपोर्ट की संभावना प्रबल कर दी है, लेकिन गत आठ साल से बजट के अभाव में झालावाड़ एयरपोर्ट का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। हालांकि कांग्रेस सरकार बनने के बाद 6.77 करोड़ रुपए जरुर मिले है, हालांकि एयरपोर्ट के अधूरे पड़े कार्यों के मद्देनजर यह बजट नाकाफी रहा, इस बजट से तो बकाया कार्यों का भुगतान व अन्य आवश्यक कार्य ही पो पाए है। कोलाना हवाई पट्टी के विस्तारीकरण, रनवे, चारदीवारी आदि का कार्य चार साल से बंद पड़ा है। राज्य में सरकार बदलने के बाद से एयरपोर्ट का विकास कार्य अधूरा पड़ा है। चार साल में सरकार ने 6.7 करोड़ बजट दिया था, ऐसे में स्वीकृत बजट में से मोटा हिस्सा पुरानी देनदारियां में चला गया। जबकि प्रथम चरण में यहां 169 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान रखा गया था।
अंतरराष्ट्रीय हवाई हड्डा तैयार करना था-
कोलाना हवाई पट्टी को तत्कालीन भाजपा शासन में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की थी। जिसमें तीन हजार मीटर रेनवे बनाया गया है। रनवे के लिए 58.25 करोड़ रुपए सेंशन हुए थे, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक 43.43 करोड़ ही खर्च हुए है। बजट के अभाव में अभी काम रुक हुआ है।
10 किलोमीटर में बननी चारदीवारी-
कोलाना हवाई पट्टी के लिए 10 किमी में दीवार का निर्माण करना है। अभी यहां 9.5 किमी में ही दीवार का निर्माण हुआ है। शेष 500 मीटर में निर्माण कार्य अभी होना है। दीवार के लिए 10.14 करोड़ की सेंशन थी, लेकिन अभी तक 8.56 करोड़ रुपए ही मिलने से इसका काम भी अधूरा पड़ा हुआ है।
एयरपोर्ट एप्रन के लिए नहीं मिली फूटी कोड़ी-
कोलोना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में एप्रन व टेक्सी कार्य के लिए 18.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। लेकिन इस बजट में से हवाई पट्टी को फूटी कोड़ी भी नहीं मिलने से इसका काम शुरू नहीं हो पाया है।
नाली निर्माण का काम अधूरा-
कालोना हवाई पट्टी में हवाई पट्टी नाली निर्माण, एप्रन ड्रेनेज फॉर रनवे के लिए 10 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन कोई पैसा नहीं मिल पाया है। ऐसे में ये काम भी अभी अधूरा ही पड़ हुआ है।
202 हैक्टेयर जमीन अधिग्रहित-
कोलाना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 202 हैक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। यहां हवाई जहाज मैंटिनेंस हब सहित कई काम होने थे। अधिग्रहित की गई मीजन में कुछ क्षेत्र में चारदीवारी की जा चुकी है। लेकिन बजट के अभाव में इस जमीन का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है।
भवन में लगी दीमक-
कोलाना हवाई पट्टी पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन बनकर तैयार है। लेकिन इसका उपयोग नहीं होने से यहां लगे बेड, गेट व अन्य महंगे सामानों में दीमक लग गई है।
प्रथम चरण में ये काम होने थे-
एयरपोर्ट में हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और दीवार निर्माण के साथ ही पिरामिड आकार के दो टर्मिनल बनाए जाने थे, जो अभी तक नहीं बन पाए है। डिपार्चर एंट्री गेट, डिपार्चर ड्रॉ ऑप, टर्मिनल बोर्डिंग गेट, एप्रन,ट्रांसफर कॉरिडोर, एरिवल एंटी, चार चैकिंग काउंटर, आठ टिकट होल्डिंग एरिया सहित प्रशासनिक भवन बनाए जाने थे, लेकिन बजट के अभाव में जिले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आस अधूरी ही रह गई है। हालांकि एयरपोर्ट निर्माण के लिए 46 करोड़ का बजट मांगा है।ऐसे में सवाल उठता है कि यहां जमीन अधिग्रहित कर ली गई, जमीन है, पर्याप्त पानी है, लोकेशन आदि अनूकूल होने के बाद भी बजट नहीं मिलने से जिले के विकास की गति रूक रही है। झालावाड़ में हवाई अड्डे का काम समय से हो तो जिला तेज गति से विकास करेगा।
रनवे का काम पूरा
कोलाना एयरपोर्ट निर्माण के लिए बजट का अभाव है, अभी बजट नहीं होने से काम बंद है। तीन हजार मीटर रनवे का काम पूरा हो चुका है। अभी 46 करोड़ का बजट ओर मांगा गया है। वेटिंग एरिया का काम करवाया जा रहा है।
लालचन्द बागड़ी, एक्सईन कोलाना एयरपोर्ट, झालावाड़।