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मसाले महंगे होने से रसोईघर में सब्जी का स्वाद हो रहा फीका, आमजन की जेब पर बढ़ा बोझ

Rajasthan Spices Price : सब्जियों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री में मसाला एक ऐसा उत्पाद है जो सब्जी के स्वाद को बेहतरीन बनाता है, लेकिन पिछले तीन महीने में मसालों के भाव में आए उछाल ने सब्जियों का जायका बिगाड़ दिया है। काली मिर्च, हल्दी, धनिया, गोल मिर्च, मिर्च की मूल्यवृद्वि से रसोई घर में सब्जी का स्वाद फीका होने लगा है।

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Spices vegetables

Jhalawar News : सब्जियों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री में मसाला एक ऐसा उत्पाद है जो सब्जी के स्वाद को बेहतरीन बनाता है, लेकिन पिछले तीन महीने में मसालों के भाव में आए उछाल ने सब्जियों का जायका बिगाड़ दिया है। काली मिर्च, हल्दी, धनिया, गोल मिर्च, मिर्च की मूल्यवृद्वि से रसोई घर में सब्जी का स्वाद फीका होने लगा है। इसके अलावा इलायची, काजू के भाव भी पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। किराना व्यापारियों के अनुसार केरल में बारिश देरी से होने के कारण भी कुछ उत्पादों में तेजी है। जिस प्रकार गत वर्ष जीरे के दामों में बेतहाशा वृद्वि देखी गई थी। इस साल काली मिर्च, सफेद गोल मिर्च व इलायची के भावों में तेजी है।

इलायची से लेकर काजू तक सुर्ख

देवशयनी एकादशी से पूर्व आ रहे शादी सीजन में इस बार मिठाइयों का चयन भी बड़ी माथापच्ची रहेगी। इलायची से लेकर काजू तक का रंग तेज है। इलायची डोडा जहां 800 रुपए से बढ़कर 2000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है तो 1600 रुपए वाली हरी इलायची के भाव 26 सौ रुपए तक हैं। काजू टुकड़ी के भाव में देखी जा रही 150 रुपए प्रति किलो की तेजी के बाद अब 450 रुपए वाली काजू टुकड़ी इन दिनों 600 रुपए तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा साबुत काजू के भावों में भी तेजी है। मांग बढ़ने से भी उत्पादक क्षेत्रों में तेजी आई है।

भावों ने ऐसे पकड़ी रफ़्तार

बात अगर मसालों के भाव की करें तो सर्वाधिक वृद्वि काली मिर्च में है। तीन महीने पहले 600 रुपए बिकने वाली बढ़िया काली मिर्च 780 रुपए किलो तक बिक रही है। सफेद गोल मिर्च भी 800 रुपए से बढ़कर 1300 रुपए तक पहुंच चुकी है। हल्दी तीन महीने में 150 रुपए प्रति किलो की तेजी के साथ 240 रुपए बिक रही है।

इनका कहना है

मसालों के भावों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के कारण इनकी खरीदारी काफी कम होने लगी है। हर सब्जी में मसालों का उपयोग किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय इनकी बिक्री में कमी होने लगी है। अधिकांश ग्राहक काफी कम मात्रा में इनकी खरीदारी करते है। ऐसे में अब दुकान पर भी सीमित मात्रा में मसाले मंगवाते है।

- कैलाश सेन, किराना व्यापारी

बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। खाद्य तेल और आटा दाल के साथ ही मसालों पर भी महंगाई की मार पड़ने लगी है। इसका सीधा असर आमजन की जेब पर पड़ रहा है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मसालों की कीमतें ज्यादा होने से अब खरीदारी काफी कम मात्रा में करनी पड़ रही है।

- राजेश कुमार, उपभोक्ता

मसाला के भाव - पहले अब

काली मिर्च - 600 - 780

सफेद गोल मिर्च - 800 - 1300

हल्दी - 150 - 240

इलायची डोडा - 800 - 2000

काजू टुकड़ी - 450 - 600

मखाना - 600 - 800 से 1000 रुपए प्रति किलो बिक्री हो रही है।

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