झालावाड़.शहर में सड़कों पर जमी गर्द की सफाई के लिए मंगवाई गई करीब 50 लाख रुपए की रोड स्वीपर मशीन खुद धूल फांक रही है। नगरपरिषद को रोड स्वीपर मशीन तकरीबन डेढ़ साल पहले डीएलबी की ओर से दी गई थी। मशीन आने के बाद कुछ दिन तो सफाई हुई उसके बाद अब नगरपरिषद में खड़ी है। इसका इस्तेमाल नहीं होने के कारण मशीन खराब होने लगी है, बल्कि जिम्मेदारों की व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहा है। नगरपरिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था अत्याधुनिक तरीके से कराने के लिए रोड स्वीपर मशीन की मांग डीएलबी से की थी। करीब एक-डेढ़ साल पहले लगातार हुए पत्राचार एवं पैरवी के बाद डीएलबी ने इसकी स्वीकृति जारी की। इसके बाद डीएलबी ने खुद के स्तर पर रोड स्वीपर मशीन खरीदने के बाद झालावाड़ नगरपरिषद को हस्तांतरित किया,ताकि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आ सके। मशीन आने के बाद नगरपरिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद करने का दावा किया था। उस दौरान अधिकारियों का कहना था कि अब शहर पूरी तरह से क्लीन नजर आएगा, लेकिन दावे फेल साबित हो रहे हैं। दावों के एक साल बाद भी शहर के सभी प्रमुख मार्ग एवं चौराहे दिन भर उड़ती धूल से अटे रहते हैं, जबकि रोड स्वीपर मशीन नगरपरिषद के अग्निशमन कार्यालय में खड़ी है।