8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पांच साल बाद भी श्रमिकों की बेटियों को राहत का इंतजार

शादी के लिए 55 हजार रूपए देने की योजना शुरू की थी सरकार ने
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झालावाड़

•

image

Jagdish Paraliya

•

Updated: 4 Jan 2024, 11:50 AM IST

Even after five years, workers' daughters are waiting for relief

शादी के लिए 55 हजार रूपए देने की योजना शुरू की थी सरकार ने

सरकार बेटियों के उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से मिलने के दावे भी किए जाते हैं, लेकिन यह दावे शुभ शक्ति योजना की स्थिति देखकर खोखले साबित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने श्रम विभाग के माध्यम से शुभ शक्ति योजना के तहत श्रमिकों की बेटियों को शादी के लिए 55 हजार रूपए देने की योजना शुरू की थी, लेकिन पिछले 5 वर्ष से इस योजना के तहत आवेदन करने वाले श्रमिक की बेटी को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है।


ऐसे में यह योजना झालावाड़ जिले में महज दिखावा साबित हो रही है। अब सरकार परिवर्तन होने के साथ ही इन आवेदनकर्ताओं को उम्मीद है कि अब प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी। जिले में श्रम विभाग के स्तर पर वित्तीय वर्ष में करीब 3 हजार 180 आवेदन आए हुए है। वहीं ऐसे में करोड़ों रूपए श्रमिकों की बेटियों का अटका हुआ है।


यह पात्रता जरूरी
श्रम विभाग शुभ शक्ति योजना के तहत श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए 55-55 हजार रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाता है। जिस बेटी की शादी के लिए सहायता के लिए आवेदन होता है। उसके माता-पिता के पास कम से कम तीन माह पुरानी श्रमिक डायरी होनी चाहिए। इसके अलावा बेटी की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। साथ ही बेटी कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है।


मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज है शिकायतें
शुभ शक्ति योजना की शिकायत लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कर रखी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जयपुर स्तर पर योजना में कार्रवाई हो तो श्रमिकों की बेटियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।


बजट की कमी से अटकी योजना
शुभ शक्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष में जिले 440 आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी श्रमिकों ने अपनी बेटियों के पीले हाथ करने के लिए आवेदन किया है, लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस योजना का श्रमिकों को लाभ नही मिल पाया है। इसके लिए श्रमिक आए दिन श्रम विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उनको बजट की कमी बताकर टरका दिया जाता है। पांच साल से योजना में एक रूपए का भी बजट नहीं आया है। सूत्रों ने बताया कि योजना में बजट उच्च स्तर से ही नहीं आ रहा है। जिला मुख्यालय से योजना संबंधी कोई काम लम्बित नही है। इसके बाद भी श्रमिकों की बेटियों को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।

शुभ शक्ति योजना में फॉर्म भरे चार साल हो गए है, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। कई बार श्रम विभाग में पता किया लेकिन वहां से भी कोई संतोषपद जवाब नही मिल पा रहा है।
मनोज सेन, सुनेल

सरकार की शुभ शक्ति योजना बेटियों के लिए बहुत अच्छी है, लेकिन इसमें अभी तक कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेरी बेटी के लिए वर्ष 2020 में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला। अब नई सरकार से उम्मीद है कि प्रोत्साहन राशि मिल जाए तो शादी में ली उधारी चुकाने में आसानी होगी।
पूरीलाल धाकड़, सुनेल


राज्य स्तर से 2018 के बाद से कोई बजट स्वीकृत नही होने से इस योजना के प्रोत्साहन राशि नही मिल पा रही है।
अजय व्यास, श्रम कल्याण अधिकारी झालावाड़