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क्रोध को सहन करोगे तो बनोगे बुद्धिमान ; सुधासागर महाराज

मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के प्रवचन
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झालावाड़

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 28 Aug 2021, 12:19 PM IST

क्रोध को सहन करोगे तो बनोगे बुद्धिमान ; सुधासागर महाराज

क्रोध को सहन करोगे तो बनोगे बुद्धिमान ; सुधासागर महाराज

खानपुर. चद्रोदय तीर्थ क्षेत्र चांदखेड़ी जैन मंदिर खानपुर में चल रहे मंगल प्रवचन में शुक्रवार को मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने कहा कि दान से धन और पूजा से वैभव बढ़ता हैए दान का सही उपयोग करना चाहिए। सही जगह दान नहीं दिया तो कष्ट होता है। उन्होंने कहा कि आपके पास कितना ही धन व बल हो लेकिन बुद्धि होना आवश्यक है, अमीर लोगों की संतान यही कहती है कि खूब पैसा है, पढऩे की कहां आवश्यकता है, लेकिन धन को संभालने, राज को चलाने के लिए ज्ञान व बुद्धि आवश्यक है। मुनिश्री महासागर जी महाराज ने कहा कि परिवर्तन लाने के लिए बहुत प्रयास करने होंगेए उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने आप में उलझे रहेंगे शांति नहीं आएगी। उन्होंने क्रोध को काबू में रखने की सीख देते हुए प्रवचन में कहा कि क्रोध क्षणिक होकर भी जीवन को नष्ट कर सकता है। क्रोध सहन करोगे तो विदवान और बुद्धिमान बनोगे। सुधा सागर जी महााज ने श्रीराम व सीता का उदाहरण देते हुए कहा कि सीता ने कभी राम से ये नहीं कहा कि ये आपने क्या कर दियाए क्योंकि उसने अपनी गलती मानी और कहा कि ये कर्म हैं। श्रीराम चन्द्र भगवान से गलती हो ही नहीं सकतीए चाहे आसमान के तारे जमीन पर आ जाए या सूरज पश्चिम से निकले। सुधा सागर जी महाराज ने धर्मए ज्ञानए धनए और आत्मबल का विस्तार से वर्णन किया और वर्तमान परिपेक्ष में मनुष्य के जीवन के सार को बताया। उन्होंने सहनशक्ति, शांत रहना और हमेशा अपनी ही गलती स्वीकार करने को जीवन का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी और सरस्वती एक साथ नहीं रह सकती ऐसा कहा जाता है, लेकिन ये गलत है, इन दोनों का गठबंधन है। उन्होंने कहा कि आठों कर्मों को संभालना है, और एक दिशा में कार्य नहीं करना चाहिए। चांदखेड़ी मंदिर के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने बताया कि चांदखेड़ी तीर्थ क्षेत्र में हो रहे मंगल प्रवचन का बड़ी संख्या में भक्तजन लाभ प्राप्त कर जीवन मूल्यों को समझ रहे हैं।उन्होंने कहा कि चांदखेड़ी में विराजित मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में मंदिर में धार्मिक सामाजिक व साधना का संगम देखने को मिल रहा है।