6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किसान भाइयों जितना जल्दी हो सके मंडियों में बेच दो गेहूं, निर्यात पर ब्रेक, घटेंगे दाम

- एफसीआई के गोदाम भरने के लिए केन्द्र सरकार ने गेहूं निर्यात पर लगाई रोक- एमएसपी पर खरीद की तिथि 31 मई तक बढ़ाई

less than 1 minute read
Google source verification
किसान भाइयों जितना जल्दी हो सके मंडियों में बेच दो गेहूं, निर्यात पर ब्रेक, घटेंगे दाम

किसान भाइयों जितना जल्दी हो सके मंडियों में बेच दो गेहूं, निर्यात पर ब्रेक, घटेंगे दाम

झालावाड़, कोटा, दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों गेहूं के निर्यात का रास्ता खोलकर खूब वाहवाही लूटी थी, निर्यात खोलने का सीधा फायदा देश और प्रदेश के किसानों को हुआ। जो गेहूं 1900 से 2000 रुपए क्विंटल में बिक रहे थे, वह 2200 से 2500 रुपए क्विंटल बिकने लग गए थे। दामों में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस कारण भारतीय खाद्य निगम की सरकारी खरीद प्रभावित हो रही थी। केन्द्र सरकार ने एफसीआई के गोदाम भरने के लिए फिर से गेहंू के निर्यात पर रोक लगा दी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात पर रोक लगने से गेहूं के दामों में गिरावट आई है। किसानों को जल्दी से मंडियों में गेहूं बेच देना चाहिए, ताकि दाम अच्छे मिल सके। उधर केन्द्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तिथि 31 मई तक बढ़ा दी है।
गेहूं की कीमत में 40 प्रतिशत की आई तेजी
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं की कीमत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 40 प्रतिशत की तेजी आई है। रूस के बाद भारत गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक हैए इसके कारण भारत से गेहूं का निर्यात बढ़ गया है। तेजी से मांग बढऩे के कारण स्थानीय मार्केट में गेहूं व आटे की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकार के द्वारा इसीलिए गेहूं के निर्यात पर प्रबंधन लगा दिया है जिससे स्थानीय मार्केट में गेहूं व आटे की बढ़ रही कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।