रटलाई के किसान कैलाश पाटीदार,कमलेश,रामनारायण विष्णु आदि किसानों ने बताया कि बुवाई के समय से लेकर लहसुन घर तक आने पर कई रूपए खर्च हो गए है । सरकार ने खरीद की घोषणा तो कर दी, लेकिन लहसुन खराब हो जाने के बाद खरीद करने से क्या फायदा मिलेगा । किसानों ने बताया कि खतों में बडी उम्मीद से लहसुन बोया था कि अच्छे भाव मिलेगें तो घर में शादी,बच्चों की पढाई लिखाई के साथ सत्यनारायण भगवान की कथा करेगें । लेकिन इसी उम्मीद व इंतजार में लहसुन खराब हो चुका है ।