बारिश से क्वालिटी होगी प्रभावित-
विशेषज्ञों ने बताया कि जिले में अब बेमौसम बारिश से कई जगह फसले खराब हो जाएगी, कहीं उग जाएगी तो कहीं काली पडऩे से उसकी क्वालिटी खराब होगी। इस बेमौसम बारिश से10-20 फीसदी नुकसान फसलों में होगा। किसानों को 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना विभाग को देना व ऑनलाइन एप के माध्यम से बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर देनी होती है।
जिले में खरीफ फसल: फैक्ट फाइल
– जिले में बीमा के लिए कुल आवेदन- 7 लाख 51 हजार 868
– जिले में कुल बीमा प्रीमियम- 134.04 करोड़
– जिले में किसानों ने बीमा प्रीमियम दिया-13 करोड़
– जिले में केन्द्र व राज्य सरकार का शेयर- 60.52-60.52 करोड़
– जिले में बीमित क्षेत्रफल- 1 लाख 67 हजार 945 हैक्टेयर
-जिले में फसल कटाई प्रयोग होने -2690
जिले में तहसीलवार : फसल खराब
तहसील अनु.प्रभावित क्षेत्र खराबा प्रतिशत में
झालरापाटन 15367 30-40
असनावर 6687 18-35
खानपुर 12310 30-40
अकलेरा 15352 30-40
मनोहरथाना 14160 30-40
पचपहाड़ 4525 30-40
डग 1155 10-30
गंगधार 552 15-25
सुनेल 1304 15-30
रायपुर 2830 15-55
बकानी 8066 15-55
पिड़ावा 2650 15-30
जिले में बारिश से फसलवार खराबा
फसल खराबा
सोयाबीन 63199
उड़द 3956
मक्का 14082
अन्य फसले 3721
किसानों ने ऐसे बताई अपनी पीड़ा
1. पहले ज्यादा बारिश ने फसलों को खराब कर दिया, अब बेमौसम बारिश फसले बेकार कर रही।सर्वे करवाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा में किसानों को राहत दें सरकार।
गोवर्धन लाल मेहर, गांव खेजरपुर, पिड़ावा।
2.लौटते मानसून ने किसानों की बची फसलें खराब कर दी। सरकार को सर्वे काम में गति लाना चाहिए। सरकार आपदा राहत कोष से प्रति बीमा के हिसाब से किसानों को मुआवजा दें।
रामनारायण दांगी, खैराना पिड़ावा।
3.प्रशासन ने अभी तक नहीं बताया कि किसानों की फसले कितनी खराब हुई है, जिले में 70 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। अब कटी फसलों में भी पानी भरा हुआ है। सरकार किसानों को आपदा राहत में मुआवजा देने की घोषणा करें।
कन्हैयालाल नागर, गांव पीपलिया, पचपहाड़।
4.इन दिनों किसान कर्जे में डूबे हुए है, पिछले रबी सीजन का लहसुन-प्याज का भाव नहीं मिलने से किसानों के पास भरा हुआ है। अब खरीफ सीजन भी किसानों का साथ नहीं दे रहा है। अतिवृष्टि से फसले तबाह हो चुकी है। सरकार को पूरे जिले के किसानों को आपदा कोष से राहत देनी चाहिए।
मनोहरसिंह राठौड़, मोलक्या बकानी।
शिकायत करें किसान-
बीमा क्रॉप क्रटिंग में पटवार मंडल पर इल्ड कम आ रही है। ऐसे में किसानों को निश्चित रुप से बीमा क्लेम मिलेगा। किसी किसान को ज्यादा नुकसान है खेत में पानी भरा हुआ है तो व्यक्तिगत रुप से बीमा कंपनी के टॉल फ्री नंबर 18002091111 पर कॉल करें या एप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
सत्येन्द्र पाठक, उप निदेशक, कृषि विस्तार, झालावाड़।