
गहलोत सरकार ईडी में उलझी, राजस्थान में सोयाबीन का बीज नहीं, कैसे बोएंगे सोयाबीन
झालावाड़. हाड़ौती अंचल में प्री.मानसून की झमाझम बारिश होने के साथ ही खरीफ की बुवाई की तैयारी शुरू हो गई है। प्री.मानसून की अच्छी बारिश से इस बार हाड़ौती में पीला सोना यानी सोयाबीन की बुवाई का रकबा बढ़ेगा। सरकार के पास बीज की कोई व्यवस्था नहीं है। समय रहते बीज का बंदोबस्त नहीं किया गया तो सोयाबीन बीज के लिए भारी मारामारी मचेगी। सरकार के पास सोयाबीन का प्रमाणित बीज सिर्फ 32 हजार क्विंटल हैए जबकि कृषि विभाग के बुवाई आंकड़ों के अनुसार 7 लाख 60 हजार क्विंटल बीज की जरूरत पड़ेगी। अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से बीज मंगवाने की तैयारी चल रही है। कृषि विभाग ने कोटा खण्ड में खरीफ की बुवाई का लक्ष्य तय कर दिया है। इसमें कोटा संभाग के चारों जिले में 7.60 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई का आकलन किया गया हैए जो पिछले साल से अधिक है। अगले सप्ताह से बुवाई शुरू हो जाएगी। हाड़ौती में सबसे अधिक सोयाबीन की बुवाई झालावाड़ जिले में तीन लाख हैक्टेयर में होगी। कोटा में 2.51 लाख हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आनन.फानन में टेण्डर होंगे जारी
किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने वाले राज्य सरकार के उपक्रम राजस्थान राज्य बीज निगम ने फिलहाल सामान्य किसानों को बीज उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रहलाद बुनकर का कहना है कि बीज उत्पादक कार्यक्रम में पंजीकृत किसानों को ही बीज उपलब्ध कराया जाएगा। सामान्य किसानों के लिए निगम के पास प्रमाणित बीज उपलब्ध नहीं है। मुख्यालय से टेण्डर की प्रक्रिया चल रही है। टेण्डर होने के बाद ही पता चलेगा कि बीज कहां से आएगा।
. हाड़ौती के चारों जिले में 7.60 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगले सप्ताह से बुवाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल बीज का कोई संकट नहीं है। कालाबाजारी पर निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। प्रयास करेंगे कि किसानों को मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध हो जाए। डा. रामावतार शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि खण्ड कोटा
Published on:
21 Jun 2022 08:37 am
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