
खुशखबर: रोडवेज बसों में होगा डिजीटली भुगतान, खुल्ले पैसे की चिंता से मुक्ति
झालावाड़.राजस्थान रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में डिजीटल पेमेंट के बढ़ते दायरे को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने टिकट खरीदने के लिए यात्रियों को क्यूआर कोड व डिजीटल प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया है जिसके जरिए अब भुगतान करना आसान होगा। यह सुविधा शुरू होने से यात्रियों को टिकट खरीदने के दौरान छुट्टे रुपए रखने की जरूरत से निजात मिल जाएगी। वहीं टिकट नहीं देने की शिकायत और राजस्व रिसाव पर भी अंकुश लगेगा। डिजीटल भुगतान के पहले चरण में यह सुविधा रोडवेज की सभी बसों में शुरू की गई है। जिसके तहत रोड़वेज की सभी बसों में किसी भी डिजीटल प्लेटफार्म यथा फोनपे,गूगलपे, पेटीएम, भीम यूपीआई एवं सभी बैंको के क्यू आर कोड के जरिए टिकट का भुगतान किया जा सकेगा। राजस्थान रोडवेज के झालावाड़ डिपों में ये सुविधा 55 बसों में शुरु की गई है।
शुरुआत में 3300 बसों में होगी शुरु-
राजस्थान रोडवेज की ओर से इस योजना की शुरुआत फिलहाल प्रथम चरण में 3300 बसों में की गई है। इसकी शुरुआत हाल ही में राजस्थान रोड़वेज के अध्यक्ष आनन्द कुमार व रोड़वेज प्रबन्ध निदेशक नथमल डिडेल ने क्यूआर कोड जारी कर की। गौरतलब है कि निगम की 3300 बस में रोजाना सात लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
दूसरा चरण मार्च से होगा शुरु-
राजस्थान रोडवेज के इस नए इनोवेशन की इस सुविधा का दूसरा चरण मार्च 2023 के अंत तक शुरू हो जाएगा। दूसरे चरण में प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो की टिकट खिड़की पर पीओएस मशीन लगेगी। जिससे टिकट लेने के लिए डिजीटल भुगतान किया जा सकेगा। ताकि डिपो स्तर भी खुल्ले पैसे की परेशानी से निजात मिल सकेगी।
हर प्लेटफॉर्म से होगा भुगतान
रोड़वेज के चीफ मैनेजर ने बताया कि यात्रियों को प्रथम चरण में डिजीटल भुगतान की सुविधा दी गई है। जिसके तहत शनिवार से रोड़वेज की सभी बसों में किसी भी डिजीटल प्लेटफॉर्म जैसे फोनपे, गूगलपे, पेटीएम, भीम यूपीआई एवं सभी बैंको के क्यूआर कोड से टिकिट का भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए यात्री बस के परिचालक के पास उपलब्ध ईटीआईएम मशीन से क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करेगा। भुगतान के पूरा होते ही मशीन से प्रिंट होकर टिकिट मिल जाएगी। जब तकयात्री भुगतान नहीं करेगा उसे टिकिट नहीं मिलेगी।
ये होगा फायदा-
राजस्थान रोडवेज की बसों में शुरु कीगई इस योजना के तहत पुरानी टिकिट मशीनों में ही सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा। डिजिटल भुगतान होने से परिचालक के पैसे गायब होने या चोरी होने का भय भी नहीं रहेगा। वहीं परिचालक द्वारा राजस्व की चोरी व कम पैसे जमा कराने की शिकायत भी दूर हो जाएगी। ऐसे में लगातार घाटे में जा रहा रोडवेज अब घाटे से उबर पाएगा। प्रतिदिन रोडवेज बसों में जो राजस्व आएगा वो सीधे रोडवेज निगम के खाते में जाएगा। इसकी मॉनिटिरिंग रोडवेज के मुख्यालय व जिला स्तर पर भी की जा सकेगी।
राहत भी दी-
राजस्थान रोडवेज द्वारा किया गए इस नवाचार से कई ग्रामीण व डिजिटल भुगतान नहीं करने वाले यात्रियों को फिलहाल राहत दी गई है। ऐसे यात्री नकद पैसे देकर भी परिचालक से टिकिट ले सकेगा। यानी ऐसे लोगों के लिए दोनों सिस्टम चालू रहेगा।
यात्रियों को नहीं होगी असुविधा-
जिले में 55 ही बसों में डिजिटल भुगतान की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत रविवार से कर दी गई है। फिर भी किसी व्यक्ति के पास ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं होगी तो उसे ऑफलाइन टिकिट भी दिया जाएगा। रोडवेज प्रबन्धन के इस नवाचार से रोडवेज में हो रही छीजत से निजात मिल सकेगी। रोडवेज के लिए ये बहुत ही उपयोगी योजना साबित होगी।
प्रतीक मीणा, चीफ मैनेजर, राजस्थान रोडवेज डिपो, झालावाड़।
Published on:
18 Dec 2022 05:33 pm
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