
राजस्थान के किसानों का बाजार हस्तक्षेप योजना में लहसुन खरीदेगी सरकार
झालावाड़। दाम नहीं मिलने से परेशान लहसुन उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है कि जल्द ही सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना में उनका लहसुन खरीदेगी। राज्य सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना में लहसुन खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बाजार हस्तक्षेप योजना में खरीद की दर क्या रखी है। सूत्रों का कहना है कि 40 से 50 रुपए प्रति किलो की दर तय की गई है। हालांकि खरीद के मापदण्ड तय किए हैं। लहसुन के आकार के हिसाब से खरीद की जाएगी। इसकी गाइडलाइन तैयार की है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राज्य की मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने इस संबंध फोन पर जानकारी दी है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र को प्रस्ताव मिलते ही दस-पन्द्रह दिन में मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सहकारी संस्थान के माध्यम से खरीद की तैयारी
सूत्रों का कहना कि बाजार खरीद योजना में खरीद से पहले कोटा सहकारी समितियों के संयुक्त रजिस्ट्रार, उद्यान विभाग के संयुक्त सचिव तथा कृषि विपणन विभाग के अधिकारियों से फीडबैक लिया है। सहकारी समितियों के माध्यम से खरीद की तैयारी शुरू हो गई है।
हाड़ौती में उच्च गुणवत्ता का उत्पादन
किसानों ने के अरमानों पर अब लहसुन पानी फेर रहा है। किसानों ने बढ़चढ़ कर बंपर पैदावार खानपुर क्षेत्र में लहसुन की है। परन्तु अब लागत भी वसूल नही होने से किसानों के आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि जब बुवाई की उस वक्त लहसुन में जोरदार तेजी थी। अब जब फसल कटाई करवा रहे तो लहसुन में मेहनत भी नही निकल पाने से किसान परेशान हो रहे। किसानों के कर्ज के बोझ की वजह किसानों को लहसुन की फसल में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उत्पादन में गिरावट
लहसुन की बुवाई के बाद मावठ होने और जमीन में लगातार नमी होने के कारण इस बार लहसुन का उत्पादन भी कम हुआ है। अब दामो में कमी होने के कारण किसान सदमें में है। किसानों ने बताया कि मौजूदा भावों में बेचने पर घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इस कारण मण्डियों में लहसुन की आवक बहुत कम हो रही है।
Updated on:
17 May 2022 08:37 am
Published on:
17 May 2022 08:37 am
