हरियाली में मनरेगा का भी योगदान
महात्मा गंाधी नरेगा योजना के तहत लगभग 400 पौधे लगाएं गए जो अब बड़े हो गए है। इसमें पानी के लिए ड्रीप लगा रखी है यह मोक्षधाम लगभग 6 बीघा भूमि में है। इसमें दाह संस्कार के बाद लोगों के लिए स्नानघर बना हुआ है। बैठने के लिए पंचायत समिति और जन सहयोग से लगभग 20 बैंच लगा रखी है। लकडिय़ों एवं कंडे के लिए स्टोर रूम भी बना रखा है। मोक्षधाम के मुख्यद्वार पर फव्वारा लगा हुआ है। कमेटी द्वारा मोक्षधाम की देख-रेख के लिए चौकीदार नियुक्त कर रखा है। पेड़-पौधों का जिक्र चल तो कमेटी के सदस्य मंडलोई ने स्मृतियां ताजा की और बताया कि शुरुआत में कम पौधे लगवाए गए। अब यहां अंावला, नीम, शीशम, गुलमोहर, पीपल, बड़, बांस आदि के पेड़ है। फूलदार पौधे भी लगाएं है। यह मोक्षधाम सुंदर बगीचे में तब्दील हो गया है। इस मोक्षधाम में अब लोग दाह संस्कार करने के बाद ग्यारहवां एकादशी (घाटा) पर होने वाला कार्यक्रम भी यही करने लगे है।