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नंदीशाला बनने से गोवंश को आश्रय मिलेगा, जिससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहने के साथ सडक़ों पर गोवंश घूमता नजर नहीं आएगा। साथ ही सडक़ दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। जिले की पंचायत समितियों में नंदीशाला संचालन एवं आधार भूत परिसंपत्तियों के निर्माण कार्यों के संबंध में संस्थाओं के चयन के लिए प्रस्ताव मांगे हैं।
गोपालन विभाग की ओर से गो संरक्षण एवं संवर्धन निधि के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत समिति में नंदीशाला का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने स्वीकृति भी जारी कर दी है। नंदीशाला बनने से गोवंश को आश्रय मिलेगा, जिससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहने के साथ सडक़ों पर गोवंश घूमता नजर नहीं आएगा। साथ ही सडक़ दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। जिले की पंचायत समितियों में नंदीशाला संचालन एवं आधार भूत परिसंपत्तियों के निर्माण कार्यों के संबंध में संस्थाओं के चयन के लिए प्रस्ताव मांगे हैं।
नवस्थापित नंदीशालाओं में एक वर्ष में न्यूनतम 250 नंदियों को संधारित करना अनिवार्य होगा, लेकिन भरण-पोषण के लिए सहायता राशि निधि नियमों के अनुसार 12 माह की देय होगी। इसमें 3 वर्ष से छोटे गोवंश के लिए 22 रुपए प्रतिदिन तथा 3 वर्ष से बड़े गोवंश के लिए 44 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। पंचायत समिति स्तर पर न्यूनतम 250 नर गोवंश की नंदीशाला के लिए 10 बीघा या 16 हजार वर्गमीटर जमीन संस्था के स्वयं के स्वामित्व/लीज/ आवंटन की होना आवश्यक है। चयनित नंदीशाला को न्यूनतम 250 नर गोवंश की देखभाल का कार्य न्यूनतम 20 वर्ष तक करना होगा।
नंदीशाला निर्माण के लिए पंचायत समिति स्तर पर निगरानी कमेटी गठित की जाएगी। जिसमें संबंधित उपखंड अधिकारी, पंचायत समिति के विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक पशुपालन तथा पीडब्ल्यूडी के जेईएन, एईएन होंगे। जो प्रस्ताव का अनुमोदन करेंगे। योजना के अंतर्गत सृजित होने वाले सभी परिसंपत्तियों का स्वामित्व राज्य सरकार में निहित होगा। इन परिसंपत्तियों का बेचान/हस्तांतरण/ खुर्द-बुर्द किसी भी परिस्थिति में नहीं हो सकेगा। हर पंचायत समिति में नंदीशाला की कुल लागत में संस्था, दानदाता की अंशदान 10 व राज्यांश 90 प्रतिशत शामिल होगा।
ग्रेवल रोड एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स प्रशासनिक भवन, पशु चिकित्सा सुविधा व अन्य निर्माण
चारा भंडार गृह और काऊ शैड का निर्माण
अंडर ग्राउंड वाटर टैंक/ ट्यूबवैल की व्यवस्था
चयन के बाद नंदीशाला में कराए जाने वाले विभिन्न निर्माण कार्यो का नंदीशाला संचालन समिति द्वारा एस्टीमेट जिला गोपालन समिति को उपलब्ध कराया जाएगा। जिले की झालरापाटन पंचायत समिति में इसका कार्य किया जा रहा है। शेष 7 पंचायत समितियों में शीघ्र ही कार्य किया जाएगा। इसके बाद सहायता राशि 3 किस्तों में स्वीकृत की जाएगी।
डॉ. टी.ए. बन्सोड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग झालावाड़
Published on:
07 Feb 2025 11:29 am
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