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कैसे सौंपी बिल्ली को दूध की रखवाली, पढि़ए पूरी खबर

. मोटी तनख्वाह का सलाहकार आते ही बं द हो गई सरस डेयरी. निजी डेयरी प्लांट में दूध सप्लाई करने वाले को सौंप दिया काम

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कैसे सौंपी बिल्ली को दूध की रखवाली,पढि़ए पूरी खबर

कैसे सौंपी बिल्ली को दूध की रखवाली,पढि़ए पूरी खबर

झालावाड़-बारां दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (झालावाड़ डेयरी) को बंद कराने में प्रबंधन में भी कोई कमी नहीं छोड़ी है। पहले ही घाटे में चल रही डेयरी में सुधार के लिए प्रबंधन ने तकनीकी सहायता के नाम पर करीब 10 साल पहले रिटायर हुए एक कार्मिक को मोटी तनख्वाह पर रख लिया। सूत्रों के मुताबिक, उसकी ऐसी सलाह दी कि दस दिन में ही चलती डेयरी बंद हो गई।

सूत्रों ने बताया कि 3 मई को झालावाड़ डेयरी की एमडी प्रमोद चारण ने कार्यालय आदेश जारी कर तकनीकी सहायता के लिए सेवानिवृत्त उप प्रबंधक (अभियांत्रिकी) आर.पी. नंदवाना को श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से कमेटी की अनुशंसा अनुसार 25 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक पर लिए जाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश तत्काल प्रभावी कर दिया गया। 3 मई को तकनीकी सलाहकार रखा और 13 मई से झालावाड़ डेयरी में दूध का उत्पादन बंद हो गया और 14 मई से कोटा डेयरी से सप्लाई शुरू कर दी गई।

रखने की जरूरत क्या थी
सवाल यह उठता है कि जब उत्पादन बंद ही करना था तो तकनीकी सलाहकार रखने की जरूरत क्या थी। वैसे भी श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से किसी कर्मचारी को रखने के लिए आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होती है।शर्तों में श्रमिक आपूर्ति का काम दिया गया है।

आरोप : दूध सप्लाई से जुड़े
डेयरी प्रबंधन ने जिस व्यक्ति को झालावाड़ डेयरी में तकनीकी सहायता देने के लिए रखा है, वह खुद दूध व्यवसाय से जुड़ा हैं। जिले के खानपुर क्षेत्र में सूमर कलेक्शन सेन्टर खोल रहा है। यहां से पहले दूध झालावाड़ डेयरी में दिया जाता था। तीन-चार साल से सूमर कलेक्शन सेन्टर का दूध एक निजी डेयरी प्लांट को सप्लाई किया जाता है। इससे जुड़ा दूध का प्लांट बारां के किशनगंज में भी डाल रखा था।

मिलावटी दूध नष्ट करवाया था
गौरतलब है कि झालावाड़ डेयरी के बारां सेन्टर पर सूमर कलेक्शन सेन्टर से 17 अप्रेल 2016 को 2785 किलो दूध सप्लाई किया गया था, जो तेल की मिलावट होने के कारण ड्रेन में बहाना पड़ा था। इसके बाद डेयरी ने इस सेन्टर से दूध लेना बंद कर दिया था।

बॉयलर चलाया, घी तैयार
झालावाड़ डेयरी में दूध की पांच में से तीन मशीनें आज भी चालू है। बॉयलर में मरम्मत की जरूरत है। डेयरी कर्मचारियों ने बुधवार को बॉयलर को चलाकर घी की प्रोसेङ्क्षसग की है। बॉयलर चालू होने पर कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई।