अरबों रुपए खर्च करता-
विधानसभा चुनाव में निर्वाचन विभाग करोड़ों अरबों रुपए खर्च करता है। ऐसे में मतदान में नोटा का अधिक प्रयोग करना समझादी नहीं है। किसी भी क्षेत्र में लोगों को समस्या हो सकती है, उसका बाद में प्रत्याशी से बात कर समाधान किया जा सकता है। जिले में चारों विधानसभाओं में 8 प्रत्याशी तो ऐसे होंगे जिनमें से चार प्रत्याशियों का चयन करें। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपनी पसंद का जो भी उम्मीदवार हो उसे वोट जरुर दें, तभी भारत निर्वाचन आयोग के मतदान बढ़ाने का लक्ष्य भी पूरा हो पाएगा। जीतमल नागर, सह प्रभारी स्वीप अभियान,झालावाड़।