
भारतीय किसान संघ अपनी मांगों के लिए करेगा 'किसान शक्ति दर्शनÓ का आयोजन
झालावाड़.भारतीय किसान संघ ने बुधवार को आयोजित 'किसान शक्ति दर्शनÓ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सोमवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया। प्रेसवार्त में किसान संघ के प्रदेश महामंत्री कैलाश गंदोलिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की संगठित ताकत का सरकार को अहसास कराना तथा किसान संघ के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है। महामंत्री ने कहा कि कृषि उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने से किसान घाटे की खेती कर रहे हैं। सरकार की नीति किसान हितैषी नहीं होने से किसानों का बैंक कर्ज बढ़ रहा है। किसानों को कृषि उपज का लागत के साथ लाभकारी मूल्य मिले, विक्रय मूल्य व घोषित लाभकारी मूल्य की अंतरराशि किसानों के खोते में जमा हो। घोषणा होने के बाद भी किसान आज दर-दर भटक रहा है। लहसुन की खरीद ५ हजार रूपए प्रति क्विंटल से बाजार हस्तक्षेप योजना में की जावे। गंदोलिया ने कहा कि संघ का काम आंदोलन करना नहीं है, बल्कि किसानों को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करना भी है।
इस आयोजन के माध्यम से शासन व प्रशासन कि किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रघुनाथसिंह ने कहा कि गर्तवर्ष आपदा राहत आंदोलन के दौरान किसानों पर लगाए गए मुकदमों को सरकार वापस लेंवे।
जिला महामंत्री राधेश्याम गुर्जर ने कहा कि जिले में किसान संघ की सदस्यता ५७ हजार से अधिक है। जिले में ८७७ गावों की ६२२ ग्राम समितियों का गठन किया इनका शक्ति दर्शन ४ अप्रेल को होगा। जिलेभर से आम सभा व वाहन रैली में करीब 15 हजार किसान भाग लेंगे। रैली के लिए किसान खंडिया बालाजी मंदिर व कालीसिंध सहित चार स्थानों पर एकत्रित होकर वाहन रैली के रूप में मिनी सचिवालय मंगलपुरा होते हुए डिप्टीजी मंदिर प्रांगण में किसान सभा में पहुंचेगे। सभा के बाद पैदल रैली बडा बाजार, मंगलपुरा होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचकर जिला कलक्टर को ज्ञापन देंगे। इस मौके पर प्रांत प्रचार प्रमुख हेमराज यदुवंशी, कोषाध्यक्ष केवलचन्द पाटीदार व जैविक किसान केवचलन्द, जिला प्रचार प्रमुख मुकेश मेहरा, मनोहर सिंह आदि मौजूद थे।
यह किसानों की प्रमुख मांगे:
-किसानों की सम्पूर्ण उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएं।
-मध्यप्रदेश की तर्ज पर भावांतर योजना लागू की जाएं।
-गेहूं की खरीद २ हजार रूपए प्रति क्विंटल व २ सौ रूपए बोनस दिया जाएं।
- 12 से लेकर 20 फीसदी खर्च व्यवस्थाओं पर हो रहा है,नीतियों में बदलाव कर इसे सीधे किसान के खातें में दिया जाएं।
- जिले का संतरा विदेशो में जाकर ५५-६० रूपए किलो बिक रहा है। जिले में ज्यूस की फैक्ट्री खोली जाएं ताकि जिले के किसानों को संतरे के अच्छे दाम मिल सके।यहां का संतरा यहीं खरीदा जाएं।
-चने की २४ क्विंटल तक ही समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। इसे बढ़ाकर किसान की सम्पूर्ण चना उपज को खरीदा जाएं।
Published on:
02 Apr 2018 08:10 pm
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